दानेश्वर मंदिर का होगा वृहद सौंदर्यीकरण, एक करोड़ नब्बे लाख रूपया स्वीकृत

महराजगंज, रायबरेली। कस्बे के सुप्रसिद्ध दानेश्वर मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए नगर पंचायत को एक करोड़ नब्बे लाख रूपया शासन से स्वीकृत हुआ है जिससे पूरे मंदिर परिसर को भव्य रूप दिया जाएगा। सौंदर्यीकरण की जानकारी पर नगरवासियों ने चेयरमैन को बधाई दी तो वहीं चेयरमैन प्रतिनिधि प्रभात साहू ने सभी का मुंह मीठा कराया।
बताते चले कि कस्बे के बीचोबीच प्राचीन शिव मंदिर है जिसको नगरवासी दानेश्वर मंदिर के नाम से जानते है। नगर विकास विभाग द्वारा वंदन योजना के तहत नगरों में बनी पुरानी धरोहर को संजोने के लिए धनराशि प्रदान करती है जिसमें दानेश्वर मंदिर के लिए भी एक करोड़ नब्बे लाख रुपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिसमें मंदिर परिसर में सड़क निर्माण, तालाब के किनारे पटरी का निर्माण, घाट का निर्माण, लाइटों की सजावट के साथ वृक्षारोपण कर पूरे मंदिर को भव्य रूप दिया जाएगा।
उक्त जानकारी देते हुए चेयरमैन प्रतिनिधि प्रभात साहू ने बताया कि नगर के मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए धन आने से नगर की जनता में खुशी का माहौल है, सुबह मंदिर परिसर में एकत्र भक्तगणों को मुंह मीठा करा बधाई दी है। नगर के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि पूरे नगर के सैकड़ों लोगों का प्रतिदिन मंदिर आना जाना रहता है। सौंदर्यीकरण से परिसर में एक खुशनुमा और शांतिपूर्ण वातावरण मिलेगा।
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महानिदेशक मत्स्य एवं पशुपालन ने किया एक्वा एक्स प्राइवेट लिमिटेड झींगा पालन कृषि फार्म का निरीक्षण
महराजगंज, रायबरेली। क्षेत्र के खैरहना गांव स्थित एक्वा एक्स प्राइवेट लिमिटेड समुंदरी झींगा पालन कृषि फार्म का मत्स्य एवं पशुपालन महानिदेशक आईएएस के धनलक्ष्मी ने निरीक्षण किया। इस दौरान सीडीओ अंजूलता, उपनिदेशक मत्स्य एजाज नक़वी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य इरफ़ान, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ कुलदीप कुमार द्विवेदी एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मत्स्य एवं पशुपालन महानिदेशक के धनलक्ष्मी ने मंगलवार को एक्वा एक्स प्राइवेट लिमिटेड के झींगा पालन कृषि फार्म का निरीक्षण किया। मछली पालन को नई दिशा दे रहे नेशनल अवार्ड प्राप्त अग्रणी किसान सुजीत कुमार चौधरी के खारे जल से ग्रसित खेतो में झींगा पालन करके सदुपयोग करने की सराहना की एवं सीडीओ रायबरेली को इसे और आगे बढ़ाने के लिए एवं क्षेत्रीय किसानो को प्रेरित करने के लिए भी कहा।
गौरतलब है कि हमारे देश से लगभग 70 हजार करोड़ रुपये का मत्स्य निर्यात होता है जिसमें समुंदरी झींगा का 90% योगदान होता है। मध्य उत्तर प्रदेश एवं पूर्वांचल में पहली बार किसी ने समुंदरी झींगा का सफल पालन किया है जिससे न सिर्फ रायबरेली बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश को अब मत्स्य निर्यात में भागीदारी करने का स्वर्ण अवसर मिल सकता है और हमारे किसानों की आय दुगनी करने में सहायता भी मिलेगी। इसके बाद महानिदेशक ने अधिकारियों के साथ सुजीत के बावन बुजुर्ग बल्ला स्थित मछली फार्म का भी निरीक्षण किया। इस दौरान सुजीत के पार्टनर एवं सहयोगी विकास पोखरियाल, रहमत, इनामुल हसन, पी के यादव, शाहरुख़ एवं अन्य सहयोगी भी मौजूद रहे।




