आप भी चौंक जाएंगे! डीजल ऑटो पर बैन, फिर भी हाथ से निकल चुकी है दिल्ली की हवा

मुझे नहीं लगता कि कुछ भी बोलने से कोई फायदा होगा। दिल्ली की हवा से स्थिति बद से बदतर हो रही है। पेचीदा हालात से निपटने के लिए कुछ करना होगा। वरना यह उस मुकाम पर पहुंच जाएगा, जहां हम एक-दूसरे के बगल में खड़े भी नहीं दिख पाएंगे। दिल्ली की बिगड़ी वायु गुणवत्ता पर बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन की यह टिप्पणी वाकई चिंता की बात है।
फिल्म के प्रमोशन के सिलसिले में दिल्ली पहुंचीं कृति सेनन राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण की स्थिति को देखकर हैरान-परेशान हो उठीं। कृति का यह कथन की कुछ भी बोलने से कोई लाभ नहीं होगा, वाकई आम आदमी की सोच से जुड़ी बात है। चूंकि प्रदूषण की समस्या को झेलना मजबूरी हो चुकी है। यह आम धारणा बन चुकी है कि सरकार या सरकारी तंत्र इस समस्या को दूर कर पाएगा। यानी जहरीली वायु में सांस लेना मजबूरी है।
दिल्ली-एनसीआर को वायु प्रदूषण से छुटकारा न मिलना चिंताजनक है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के आंकड़े बार-बार डरा रहे हैं। एक्यूआई का स्तर पांच सौ को पार कर चुका है। यानी हवा बेहद खतरनाक है। इसके बावजूद इस विकट समस्या का स्थायी समाधान न हो पा रहा है। एनसीआर की लाइफ अब खुशहाल नहीं बल्कि बदहाल हो चुकी है।
एनसीआर में आबादी का बोझ निरंतर बढ़ रहा है, मगर नागरिकों को न साफ-सुथरी हवा उपलब्ध है, ना शुद्ध पेयजल। विशेषज्ञ चिकित्सक निरंतर चेतावनी दे रहे हैं, मगर आम आदमी करें भी तो क्या करे? एनसीआर को अस्थाई तौर पर कुछ दिन के लिए छोड़कर बाहर जाकर रहना भी संभव नहीं है। चूंकि इससे रोजगार के अलावा बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। गर्भवती महिलाओं और गर्भस्थ शिशुओं पर भी प्रदूषण का बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इस बीच प्रदूषण पर सियासत होने लगी है। दिल्ली सरकार के प्रति विपक्ष आक्रामक हो रहा है।
डीजल से संचालित ऑटो रिक्शा बैन
वहीं दिल्ली के पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती ने कहा है कि दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी नहीं, बल्कि ईमानदार, पारदर्शी और स्थायी समाधान की जरूरत है। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदूषण से निपटने की दिशा में कदम उठाया है। इसके तहत नोएडा और गाजियाबाद में डीजल से संचालित ऑटो रिक्शा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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प्रदूषण की स्थिति काबू से बाहर हो चुकी है। हवा में हानिकारक रसायनों, सूक्ष्म कणों या जैविक पदार्थों के मिलने से वायु प्रदूषण होता है, जो मनुष्यों और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। इसे रोकने के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग, इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना, सौर ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करना, वाहनों की नियमित जांच और प्रदूषण नियंत्रण फिल्टर का उपयोग करना और कूड़ा-कचरा या पत्तियों को जलाना नहीं जैसे उपाय किए जा सकते हैं। दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश की राजधानी में शुद्ध वायु उपलब्ध न होना सिस्टम की असफलता को दर्शाता है।
ये प्रदूषण बर्बाद कर देगा हमारा कल
निश्चित रूप से आज का ये प्रदूषण हमारा कल बर्बाद कर देगा। यह शरीर को बीमारियों का घर बनाने का काम कर रहा है। एक दौर वह था जब नवंबर के अंतिम सप्ताह में कड़ाके की ठंड व घने कोहरे की वजह से सामान्य जनजीवन प्रभावित रहता था। जबकि आज प्रदूषण ने जनजीवन को संकट में डाल रखा है। यह सिलसिला कब रुकेगा, कोई नहीं जानता। वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों को प्राथमिकता पर काम करने की जरूरत है।



