नक्सलियों के साथ एनकाउंटर में हॉक फोर्स पुलिस सब-इंस्पेक्टर आशीष शर्मा शहीद, जनवरी में होनी थी शादी

19 तारीख को महाराष्ट्र की सीमा से लगे छत्तीसगढ़ राज्य के बोरतलाव पुलिस स्टेशन के तहत कंगूरा जंगल में सर्च ऑपरेशन करते समय, हॉक फोर्स और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में मध्य प्रदेश हॉक फोर्स के एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर (आशीष शर्मा) शहीद हो गए।
इंटेलिजेंस एजेंसियों को MMC (महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़) ज़ोन में माओवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ पुलिस ने बॉर्डर पर बोरतलाव इलाके से सटे कंगूरा के घने जंगलों में एक जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया। शर्मा ऑपरेशन को लीड कर रहे थे। इसी बीच पहले से घात लगाए बैठे 20-25 माओवादियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग का जवाब देते हुए, माओवादियों की फायरिंग में पुलिस सब-इंस्पेक्टर शर्मा घायल हो गए। उन्हें तुरंत डोंगरगढ़ के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
एक माओवादी द्वारा हाथ, पैर और पेट में गोली लगने के बाद सब-इंस्पेक्टर शर्मा को तुरंत डोंगरगढ़ के एक हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया। राजनांदगांव के पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य ने बताया कि इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा और पास के खैरागढ़ के पुलिस अधीक्षक लक्ष्य शर्मा कंगूरा जंगल में गोलीबारी की जगह पर पहुंच गए हैं और उन्होंने और ज़ोर-शोर से सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
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जनवरी में होनी थी शादी
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा तालुका के बोहानी के रहने वाले आशीष शर्मा (उम्र 40) को पहले भारत सरकार से दो बार वीरता पदक मिल चुका है। शर्मा 2016 में पुलिस सब-इंस्पेक्टर के तौर पर भर्ती हुए थे। उनकी शादी जनवरी में होनी थी। शर्मा ने फरवरी 2025 में बालाघाट जिले के रोंढा जंगल में हुए नक्सली एनकाउंटर में अहम भूमिका निभाई थी। जिसमें तीन महिला माओवादी मारी गई थीं।
मुख्यमंत्री ने शोक जताया
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शहीद पुलिस सब-इंस्पेक्टर आशीष शर्मा के बलिदान पर शोक जताते हुए कहा है कि नक्सल मुक्ति के मार्ग के लिए उनका बलिदान महत्वपूर्ण है।



