स्वतंत्रता आंदोलन में शक्ति संचार करने वाला नारा बन गया वन्देमातरम् गीत- प्रो आलोक कुमार सिंह

सुलतानपुर। राष्ट्र के विविध संस्थानो व निकायों की तरह कमला नेहरू स्वायत्तशासी संस्थान मे सोमवार को पुरे राष्ट्रीय गौरव के साथ वन्देमातरम् राष्ट्रीय गीत सामूहिक रूप से गाया गया। संस्थान मे राष्ट्रीय गीत का गायन वन्देमातरम् गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य मे सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कमला नेहरु संस्थान के प्राचार्य प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह ने की।

प्राचार्य के आह्वान पर संस्थान के खेल मैदान मे सुबह लगभग साढ़े ग्यारह बजे फरीदीपुर से लेकर मुख्य परिसर के सभी संकायों के प्राध्यापकगण गैरशैक्षणिक कर्मचारीगण व हजारों की संख्या मे विद्यार्थी एकत्रित हुए। कार्यक्रम शुभारंभ करते हुए संस्थान प्राचार्य ने कहा कि इस गीत की रचना सन् 1875 मे बंकिम चन्द्र चटोपाध्याय ने की व 1950 मे वन्देमातरम् गीत को राष्ट्रीय गीत का संवैधानिक दर्जा हासिल हुआ।

यह गीत आजादी के वीर सपूतों के लिए सबसे बड़ा बलवर्धक रहा। वर्तमान मे यह राष्ट्रीय गीत भारतवासियों मे राष्ट्रीय भावना की अलख को अनवरत जगाने वाला गीत बन चुका है। यह वही गीत है जो स्वतंत्रता आन्दोलन मे सेनानियों के जेहन मे शक्ति का संचार करता रहा।

प्राचार्य उद्बोधन के उपरांत वन्देमातरम् गीत की 150वीं वर्षगांठ पर प्राचार्य सहित संस्थान परिवार के उपस्थित सभी जनों ने एक साथ मधुर स्वर मे वन्देमातरम् सुजलाम् सुफलाम् मलयज् शीतलाम् राष्ट्रीय गीत का गायन सम्पन्न किया।

इस मौके पर संस्थान उपप्राचार्य डॉ शक्ति सिंह ने कहा कि वन्देमातरम् गीत देश की आत्मा व आत्मविश्वास को जागृत करने वाला हर भारतवासियों के दिलों से निकलने वाली देश निष्ठा की आवाज है। संस्थान के मुख्य अनुशासक डॉ सुधांशु प्रताप सिंह ने इस गीत को देश की आजादी के संघर्ष मे स्वतंत्रता सेनानियों सहित आम जनमानस को एकजुट करने वाला एक सशक्त मंत्र बताया। संस्थान मीडिया प्रभारी डॉ आर पी मिश्र ने कहा कि संस्थान प्राचार्य के नेतृत्व मे एक साथ संस्थान के सैकड़ो शिक्षक व गैरशिक्षक कर्मचारीगणों एवं हजारों विद्यार्थियों के वन्देमातरम् गीत गायन से परिसर गुंजायमान हो उठा।

राष्ट्रीय भावना व भक्ति से ओतप्रोत यह कार्यक्रम संस्थान परिवार के लिए राष्ट्रीय गौरव की अनुभूति करने वाला बेहतर कार्यक्रम रहा। अंत मे भारत माता की जयकारे के साथ वन्देमातरम् गीत गायन कार्यक्रम के समापन की घोषणा हुई।

इस मौके पर संस्थान के परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर प्रवीण कुमार सिंह आई क्यू ए सी निदेशक डॉ आलोक कुमार वर्मा उप परीक्षा नियंत्रक अतुल कुमार सिंह कला संकायाध्यक्ष रंजना सिंह डॉ वन्दना सिंह सहित प्रोफेसर प्रतिमा सिंह प्रोफेसर किरन सिंह प्रोफेसर मीनाक्षी पाण्डेय डॉ शालिनी सिंह डॉ अनुराग पाण्डेय वरिष्ठ एन एस एस कार्यक्रमाधिकारी डॉ अवधेश प्रताप सिंह डॉ पवन रावत डॉ अनिल कुमार, डॉ नवीन विक्रम सिंह डॉ अजीत कुमार सिंह डॉ प्रकाश तिवारी डॉ वीरेंद्र श्रीवास्तव सहित अनुशास्ता मंडल के सभी सदस्य एवं संस्थान के सभी प्राध्यापक व प्राध्यापिकाएं उपस्थित रहीं। वन्देमातरम् गीत के 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य मे वन्देमातरम् गायन कार्यक्रम मे संस्थान के बर्सर अनिल कुमार सिंह सहित सभी गैरशैक्षणिक कर्मचारीगणों की मौजूदगी व कार्य काबिले तारीफ रहा ।

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