सोना इतना महंगा, फिर भी भारत में क्यों हो रहा है रिकॉर्ड तोड़ खरीदारी
Gold price news 2025: सोने की कीमत बढ़ने पर भी भारतीयों ने बड़ी मात्रा में सोना खरीदा है। यानी कीमत बढ़ने पर भी भारतीय सोना खरीदना बंद नहीं करते बल्कि इसे निवेश का सबसे अच्छा ज़रिया मानते हैं। एक और बेहद दिलचस्प बात जो सामने आई है, वह यह है कि सोने की बढ़ती कीमतों के बावजूद भारतीयों का सोने के प्रति प्रेम कम नहीं हुआ है।
आमतौर पर जब किसी वस्तु की कीमत बढ़ती है, तो उसकी माँग कम हो जाती है, लेकिन सोने के मामले में भारत में यह नियम कम काम करता है। यह देखा गया है कि भारतीय परिवार कीमत बढ़ने पर भी सोना खरीदने के अपने फैसले में ज़्यादा बदलाव नहीं करते। यह आदत सांस्कृतिक महत्व, शादियों, त्योहारों और बचत की परंपरा से जुड़ी है। जब सोने की कीमत बढ़ती है, तो लोग मान लेते हैं कि सोने की कीमत अब और कम नहीं होगी। आमतौर पर, सोना खरीदने को लेकर भारतीयों की यह धारणा गलत नहीं है। गौरतलब है कि हमारे देश में निवेश का तरीका धीरे-धीरे बदल रहा है।
2023 में सोने का आयात बढ़ा (Gold price update)
उदाहरण के लिए, 2023 और 2024 में सोने की कीमतों में 16 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई, फिर भी भारत का सोने का आयात घटने के बजाय थोड़ा बढ़ा। विश्व स्वर्ण परिषद के उपभोक्ता क्रय आंकड़ों के अनुसार, 2023 में भारत में 575.8 टन सोने के आभूषणों की मांग थी, जबकि बार और सिक्कों की मांग 185.2 टन थी।
2024 में आभूषणों की मांग घटी, लेकिन…
इस प्रकार, 2024 में आभूषणों की मांग थोड़ी घटकर 563.4 टन रह गई, लेकिन बार और सिक्कों की मांग बढ़कर 239.4 टन हो गई। इससे यह भी सिद्ध होता है कि जब ऊँची कीमतों के कारण आभूषणों की खरीदारी धीमी हुई, तो लोगों ने सोने की बार और सिक्कों में अपना निवेश बढ़ा दिया।
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लेकिन, अब दृष्टिकोण बदल रहा है। 2025 की पहली छमाही में, जब सोने की कीमतें अचानक बहुत तेज़ी से बढ़ीं, तो भारत में मांग में थोड़ी गिरावट आई। यह इस बात का संकेत है कि भारतीयों को सोना चाहे कितना भी प्रिय क्यों न हो, एक निश्चित सीमा के बाद बढ़ी हुई कीमतें माँग को प्रभावित करने लगती हैं।
सोने और चाँदी ने मुनाफे के सारे रिकॉर्ड तोड़े (Silver Gold Price Today 2025)
धनत्रयोदशी से पहले सोने और चाँदी ने मुनाफे के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। चाँदी 10 महीने से भी कम समय में दोगुनी से ज़्यादा हो गई है, जिससे 106.24 प्रतिशत का मुनाफ़ा हुआ है। यह चाँदी का अब तक का सबसे तेज़ रिटर्न है। साथ ही, सोने ने निवेशकों को 68.55 प्रतिशत का मुनाफ़ा दिया है।
31 दिसंबर, 2024 को चाँदी की कीमत 89,700 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इसमें सिर्फ़ 287 दिनों में 95,300 रुपये की भारी वृद्धि हुई और यह 1,85,000 रुपये प्रति किलोग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँच गई। इतना ही नहीं, पिछले डेढ़ महीने में चाँदी की कीमतों में सबसे तेज़ वृद्धि हुई है और 59,000 रुपये का उछाल आया है। इसमें सितंबर में 24,500 रुपये और अक्टूबर में अब तक 34,500 रुपये की बढ़ोतरी शामिल है। यह दशकों में सबसे तेज़ मासिक वृद्धि भी है।



