बच्चों के सोते समय क्यों आता है पसीना
newborn babies sweat: बच्चों में सोते समय पसीना आना कब सामान्य है और कब यह किसी बीमारी का संकेत हो सकता है। जानिए कारण और सावधानियां आसान भाषा में।

newborn babies sweat: छोटे बच्चों में सोते समय पसीना आना आम बात मानी जाती है। खासकर नवजात शिशुओं में यह अक्सर देखा जाता है। लेकिन हर बार इसे हल्के में लेना सही नहीं होता। कई बार यह शरीर के अंदर चल रही किसी समस्या का इशारा भी हो सकता है।
कब यह सामान्य होता है
बच्चों का शरीर पूरी तरह विकसित नहीं होता। उनके शरीर में तापमान को नियंत्रित करने की क्षमता कम होती है। यही वजह है कि उन्हें जल्दी पसीना आने लगता है। खासकर सिर पर पसीना ज्यादा दिखाई देता है।
गर्म कपड़े पहनाना या कमरे का ज्यादा गर्म होना भी इसकी वजह बन सकता है। कई बार गहरी नींद में भी बच्चे पसीना छोड़ते हैं। यह स्थिति सामान्य मानी जाती है और हर दिन नहीं होती।
कब सतर्क होना जरूरी है
अगर बच्चा बार-बार पसीने से भीग जाता है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर जब दूध पीते समय भी वह पसीने में भीग जाए या सोने के बाद तकिया और बिस्तर गीला हो जाए।
ऐसी स्थिति में विटामिन डी की कमी एक कारण हो सकती है। बहुत कम मामलों में यह दिल से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है। अगर बच्चा दिनभर चिड़चिड़ा रहता है और शरीर गर्म महसूस होता है तो यह बुखार या किसी संक्रमण का लक्षण भी हो सकता है।
कैसे पहचानें समस्या गंभीर है या नहीं
अगर पसीना रोज आता है और जरूरत से ज्यादा आता है तो ध्यान देना जरूरी है। जब बच्चे ने हल्के कपड़े पहने हों और कमरे का तापमान भी सामान्य हो फिर भी पसीना आए तो जांच करवाना जरूरी हो जाता है।
यह स्थिति किसी अंदरूनी परेशानी की ओर इशारा कर सकती है।
माता-पिता क्या सावधानी रखें
- बच्चे को जरूरत से ज्यादा कंबल न ओढ़ाएं
- अगर बच्चा कंबल हटाता है तो उसे बार-बार न ढकें
- सोने से पहले अधिक खाना न खिलाएं
- कमरे का तापमान संतुलित रखें
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डॉक्टर से कब मिलें
अगर आपको बार-बार ऐसा महसूस हो कि पसीना सामान्य से ज्यादा है तो देरी न करें। बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना सही कदम है।


