sciatica treatment exercises: कमर से पैर तक के दर्द का घरेलू इलाज
sciatica treatment in hindi: साइटिका के कारण, लक्षण और घरेलू एक्सरसाइज जानिए।

sciatica treatment exercises: साइटिका एक सामान्य लेकिन परेशान करने वाली न्यूरोलॉजिकल स्थिति है। जिसमें व्यक्ति को पीठ के निचले हिस्से से लेकर जांघ और पांव तक तेज या फिर चुभने वाला दर्द महसूस होता है।
ये दर्द साइटिक नर्व के दबने, सूजन या फिर किसी प्रकार की चोट के कारण भी हो सकता है। अब यह नर्व शरीर के सबसे लंबी और मोटी नस होती है जो रीड की हड्डी से शुरू होकर पैरों तक जाती है। आईये जानें आखिर कमर से लेकर पैरों तक दर्द क्यों होता है? इसके पीछे का रीज़न क्या है?
साइटिका के लक्षण (Symptoms of Sciatica)
दरअसल ये नर्व शरीर की सबसे लंबी और मोटी नस होती है जो रीड की हड्डी से शुरू होकर पैरों तक जाती है। डॉक्टर्स बताते हैं कि सोइटिका खुद कोई रोग नहीं है बल्कि यह किसी अन्य मूल कारण जैसे कि हर्निएटेड डिस्क, स्पाइन में बोनस्पर या फिर स्पाइनल स्टेनोसिस का एक लक्षण है। अब इसका दर्द कभी-कभी असहनीय भी होता है और लंबे समय तक बैठना, खड़े रहना या फिर झुकना मुश्किल बना देता है। तो आइए अब आपको बताते हैं कि आखिर साइटिका के क्या कारण हो सकते हैं।
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रीड की हड्डी का संकुचन होना, स्लिप डिस्क होना, स्पाइन में हड्डी का बढ़ना और पैिव इंजरी या फिर ट्यूमर होना। अब जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, डिस्क और रीड की हड्डियों में घिसाव होता है। 30 से 50 की उम्र के बाद स्लिप डिस्क और स्पाइनल डीजेनरेशन का खतरा बढ़ जाता है जो साइटिका की संभावना को जन्म देता है। व डायबिटीज मोटापा बैठने की जीवनशैली यानी कि जो लोग लगातार घंटों तक कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं जैसे ऑफिस वक्स, ड्राइवर्स उनमें साइटिका का खतरा अधिक होता है।
कैसे बचें इस बीमारी से (sciatica treatment at home)
इसके अलावा भारी वजन उठाना या फिर गलत तरीके से उठाने से भी साइटिका जैसी बीमारी हो सकती है। तो आइए अब आपको बताते हैं साइटिका से बचने के उपाय क्या है? sciatica treatment यही है कि नियमित रूप से योग और exercises करें। सही पोश्चर में बैठे और चलें। बाहरी वजन उठाते समय सावधानी बरतें। वजन नियंत्रित रखें। संतुलित आहार लें। तनाव कम करें और अच्छी नींद लें।
तो साइटिका गंभीर लेकिन काबू में आने वाली समस्या है। अगर समय रहते इसके जोखिम कारकों को पहचाना जाए तो उम्र जीवनशैली, वजन डायबिटीज जैसी स्थितियां इस बीमारी का खतरा बढ़ाती हैं। वहीं यदि आप इन जोखिम कारकों को नियंत्रित करने में सफल होते हैं तो साइटिका से बचा जा सकता है या फिर इसके लक्षणों को कम किया जा सकता है।



