सीएचओ को तीन महीने से नहीं मिला मानदेय, आर्थिक तंगी जूझ रहे कर्मी
तीन माह से मानदेय व छह माह से पीबीआई न मिलने से परेशानी में सीएचओ

रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ की हड्डी माने जानी वाले सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को पिछले तीन माह से मानदेय नहीं दिया गया है। मानदेय न दिए जाने और अपनी अन्य समस्याओं को लेकर जिले में कार्यरत सीएचओ ने शुक्रवार को जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी को ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक को सम्बोधित ज्ञापन भेजकर अपनी समस्याओं का निराकरण कराने की मांग की है।
मिशन निदेशक को भेजे गए ज्ञापन के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) ने बताया कि विगत तीन माह से हम लोगों को मानदेय नहीं मिला है। इसके साथ ही परफॉर्मेंस बेस्ड इंसेटिव पीबीआई भी नहीं दिया जा रहा है। जिलाध्यक्ष रतनमाला ने बताया कि पीबीआई हम लोगों को पिछले छह माह से नहीं दिया गया है। मानदेय न मिलने की वजह से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने ने सीएचओ संघ की जिलाध्यक्ष रतन माला ने बताया कि सबसे ज्यादा समस्या फील्ड में कार्य करने के दौरान हो रही है जब हम लोग कार्य कर रहे होते हैं, लेकिन अपने उपकेंद्र पर आकर ही आने और जाते समय की उपस्थिति दर्ज करनी पड़ती है, ऐसे में हमें बहुत समस्या होती है। फील्ड पर कार्य भी कर रहे हैं और इसके बाद भी हमें कई किलोमीटर से लौटकर आकर अपने उपकेंद्र पर पंच आउट करना पड़ता है। हम लोग आए दिन क्षेत्र में जाकर आयुष्मान भारत गोल्डन कॉर्ड बनाने के लिये शिविर लगाकर कार्य करते हैं।
महामंत्री पंकज यादव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में की ओर से चलाई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं को हम लोग गांव-गांव लोगों तक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। मानदेय न मिलने की वजह से हमारे परिवार अब आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
इस मौके पर ज्ञापन के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश कछवाह, जिला अध्यक्ष रतनमाला, जिला महामंत्री पंकज कुमार एवं संगठन के अन्य सदस्य देवानंद मिश्र, गौरांग, महेन्द्र कुमार, रंजना शुक्ला, अन्नू चौबे, पंकज, सुभाष, देवेश कुमार, हर्षित जैन आदि पदाधिकारी एवं जिले के सीएचओ मौजूद रहे।



