पंजाब में बाढ़ का संकट जारी, अब तक 51 लोगों की मौत; जानें सरकार क्या कर रही

Punjab Floods 2025: पंजाब में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। हालाँकि राज्य में फिलहाल बारिश नहीं हो रही है और अगले कुछ दिनों में बारिश की उम्मीद है, मगर पिछले कुछ दिनों में आई बाढ़ का असर अभी भी गंभीर बना हुआ है। पिछले 24 घंटों में मानसा, मोगा और पटियाला ज़िलों में तीन और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या 51 पहुँच गई है।
बाढ़ ने (Flood in Punjab Today) अब तक 15 ज़िलों के 3.87 लाख से ज़्यादा लोगों को प्रभावित किया है और लगभग 1.84 लाख हेक्टेयर ज़मीन पर लगी फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है। सरकार ने मदद के लिए कई अहम फ़ैसले लिए हैं।
जानें कितना मुआवजा मिलेगा
पंजाब कैबिनेट ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए बाढ़ प्रभावित खेतों के लिए 20,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवज़ा देने का ऐलान किया है। ‘जिसदा खेत, उसकी रेत’ योजना को मंज़ूरी दी गई है, जिसके तहत किसान बाढ़ के बाद अपने खेतों में जमा रेत को निकालकर बेच सकेंगे। इससे उन्हें अपने नुकसान की भरपाई करने में मदद मिलेगी।
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अधिकारियों के अनुसार, जलस्तर कम होने के साथ ही कई प्रभावित गाँवों में स्थिति में सुधार होने लगा है। ब्यास नदी पर बने पौंग बांध का जलस्तर 1,390.74 फीट तक पहुँच गया है, जबकि एक दिन पहले यह 1,392.20 फीट था। बांध में पानी का प्रवाह रविवार के 36,968 क्यूसेक से घटकर 34,580 क्यूसेक रह गया है। भाखड़ा बांध का जलस्तर भी घटकर 1,677.2 फीट रह गया है। निरंतर निगरानी और जलस्तर में कमी के साथ, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि बाढ़ के कारण (Punjab Floods 2025) अब तक 1,84,938 हेक्टेयर में लगी फसलें नष्ट हो चुकी हैं। घरों और पशुओं को हुए नुकसान का आकलन अभी जारी है और पानी कम होने के बाद पूरी जानकारी सामने आएगी। वहीं, पठानकोट जिले में तीन लोग अभी भी लापता हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब में बाढ़ का न केवल कृषि उत्पादन पर बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी गहरा प्रभाव पड़ेगा।



