24 साल पुराने चर्चित मामले में कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत 14 लोग दोष मुक्त

संवाददाता सुल्तानपुर

सुल्तानपुर। वर्ष 2002 में कादीपुर स्थित संत तुलसीदास महाविद्यालय के सामने बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा पूनम श्रीवास्तव की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद स्पीड ब्रेकर बनाए जाने की मांग को लेकर छात्रों ने धरना-प्रदर्शन शुरू किया था।

आंदोलन के दौरान तत्कालीन कादीपुर कोतवाल शिवराज सिंह के नेतृत्व में पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई। लाठीचार्ज और फायरिंग में एक छात्र गोली लगने से घायल हो गया, जिसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। कादीपुर बाजार बंद रहा और देर रात तक कोतवाली में धरना चलता रहा।

हालात को नियंत्रित करने के लिए तत्कालीन फैजाबाद मंडल के कमिश्नर और डीआईजी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद छात्रा के शव का पंचनामा हो सका। इस मामले में पुलिस ने 14 लोगों के विरुद्ध हत्या के प्रयास, लूट, अपहरण, डकैती समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

पिछले 24 वर्षों से विचाराधीन इस मामले में शुक्रवार को न्यायालय ने कांग्रेस के वर्तमान जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा समेत सभी 14 आरोपितों को दोषमुक्त करते हुए बाइज्जत बरी कर दिया। फैसले के बाद दीवानी परिसर में खुशी का माहौल रहा।

दीवानी परिश्रम बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा को मिष्ठान खिलाकर बधाई दी। दोस्त मुक्त साबित होने पर कांग्रेस के वर्तमान जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि 24 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद न्यायालय के फैसले ने साबित कर दिया कि सत्य को कभी पराजित नहीं किया जा सकता। हमें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास था और आज न्याय की जीत हुई है। मैं अपने सभी साथियों, अधिवक्ताओं और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करता हूं। यह फैसला सत्य और न्याय की विजय का प्रतीक है।

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