जजों को रिश्वत देने के नाम पर 1.34 करोड़ की ठगी, साइबर क्राइम ने आरोपी को दबोचा

गाजियाबाद। जजों को रिश्वत देने और पारिवारिक मुकदमे में मदद कराने का झांसा देकर एक व्यक्ति से करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। साइबर क्राइम टीम ने मामले का खुलासा करते हुए चंदौली निवासी ईशू पांडे उर्फ रिशु पांडे को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पीड़ित से अलग-अलग खातों में 1.34 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर कराई।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह के अनुसार, वसुंधरा निवासी शीतल प्रसाद ने शिकायत में बताया कि उनकी पुत्रवधू ने उनके और बेटे देवांशु के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसी दौरान सोशल मीडिया के जरिए उनकी पहचान ईशू पांडे से हुई। आरोप है कि ईशू ने बहादुरगढ़-चंडीगढ़ न्यायालय में चल रहे पारिवारिक विवाद में मदद कराने का भरोसा दिया।
जजों से संबंध होने का किया दावा
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने खुद को पुजारी बताते हुए सरकारी कार्यालयों में अच्छी पकड़ होने का दावा किया। उसने शीतल प्रसाद को भरोसा दिलाया कि न्यायाधीशों से उसके अच्छे संबंध हैं और वह उनके बेटे के खिलाफ चल रहे मुकदमे में मदद करा सकता है। आरोप है कि इसी बहाने उसने जजों को रिश्वत देने के नाम पर रकम मांगी।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने शीतल प्रसाद को उनके बेटे को तांत्रिक विद्या के जरिए फंसाकर जेल भिजवाने और पुलिस से गिरफ्तार कराने की धमकी भी दी। इसके बाद आरोपी ने अपने और अपनी मां के बैंक खातों के अलावा खुशबू मिर्जा, विजय, सोनी बेगम और शैली जैन के खातों में भी रकम ट्रांसफर कराई।
जून 2025 से अप्रैल 2026 तक चलता रहा खेल
जांच के अनुसार, जून 2025 से अप्रैल 2026 के बीच आरोपी ने शीतल प्रसाद से बड़ी रकम अलग-अलग खातों में हस्तांतरित कराई। पुलिस ने बताया कि ठगी में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी आरोपी के कब्जे से बरामद किया गया है।
क्राइम ब्रांच अब आरोपी से पूछताछ कर रकम के लेनदेन और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।



