पूरी दुनिया ने देखी, पर भारत में ऑस्कर नॉमिनेटेड इस फिल्म पर क्यों लगी रोक

The Voice Of Hind Rajab: ऑस्कर के लिए नामांकित एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म ने दुनिया भर में दर्शकों को झकझोर दिया है, लेकिन भारत में इसकी रिलीज़ अटक गई है। यह मामला सिर्फ एक फिल्म का नहीं, बल्कि सिनेमा, जनभावनाओं और अंतरराष्ट्रीय रिश्तों के बीच संतुलन का भी बन गया है।
क्यों चर्चा में है यह फिल्म
“द वॉइस ऑफ हिंद रजब” नाम की यह फिल्म एक सच्ची घटना से प्रेरित है। 2024 में गाजा में हुए एक हमले के दौरान 5 साल की बच्ची हिंद रजब की दर्दनाक कहानी इस फिल्म का आधार है। यह फिल्म एक डॉक्यू-ड्रामा है, जिसमें उस बच्ची के आखिरी पलों को बेहद संवेदनशील तरीके से दिखाया गया है।
फिल्म को कई देशों में रिलीज़ किया जा चुका है जैसे फ्रांस, इटली, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया। यहां तक कि अमेरिका में भी यह दर्शकों तक पहुंच चुकी है। लेकिन भारत में इसे सिनेमाघरों में दिखाने की अनुमति नहीं मिली।
भारत में रिलीज़ क्यों रुकी
भारत में सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने इस फिल्म को सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया। फिल्म 6 मार्च को रिलीज़ होनी थी, लेकिन इसे रोक दिया गया।
बताया जा रहा है कि फिल्म की विषयवस्तु भारत और इजराइल के संबंधों को प्रभावित कर सकती है। यही वजह है कि इसे अनुमति नहीं दी गई।
क्या है फिल्म की कहानी
फिल्म में दिखाया गया है कि गाजा सिटी से भागते समय हिंद रजब अपने रिश्तेदारों के साथ एक कार में थी। कार में उसके चाचा, चाची और तीन कजिन मौजूद थे। हमले के बाद कार में मौजूद सभी लोगों की मौत हो गई और सिर्फ हिंद जिंदा बची।
डरी हुई बच्ची ने फोन पर इमरजेंसी सेवाओं से मदद मांगी। रिकॉर्डिंग से पता चलता है कि वह अपने परिवार के शवों के बीच छिपकर मदद की गुहार लगा रही थी।
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कुछ देर बाद गोलियों की आवाज सुनाई दी और कॉल अचानक कट गई।



