समाजशास्त्र के विद्यार्थियों ने जाना वृद्धजनों के जीवन का यथार्थ

आनंद भवन वृद्धाश्रम का किया सर्वेक्षण

सुल्तानपुर। राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सुल्तानपुर के समाजशास्त्र विभाग के परास्नातक (एम.ए.) के विद्यार्थियों ने बुधवार को गोराबारिक-अमहट (तुराबखानी) स्थित आनंद भवन वृद्धाश्रम का शैक्षणिक भ्रमण कर समाजशास्त्रीय सर्वेक्षण किया। इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य वृद्धाश्रम में निवास कर रहे वरिष्ठ नागरिकों की सामाजिक, पारिवारिक एवं आर्थिक स्थिति का अध्ययन करना तथा उनके जीवन की चुनौतियों, समस्याओं और आवश्यकताओं को समझना था। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डी.के. त्रिपाठी के प्रेरणादायी मार्गदर्शन तथा समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. बृजेश कुमार सिंह के निर्देशन में आयोजित इस सर्वेक्षण में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अखिलेश सिंह, डॉ. वीरेंद्र कुमार गुप्ता एवं डॉ. शालिनी सिंह ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

सर्वेक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने 50 प्रश्नों पर आधारित विशेष साक्षात्कार अनुसूची के माध्यम से वृद्धजनों से संवाद स्थापित कर विभिन्न जानकारियाँ एकत्र कीं। इसमें उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि, पूर्व व्यवसाय, आवासीय स्थिति, दिनचर्या, खान-पान, स्वास्थ्य सुविधाओं, वृद्धावस्था पेंशन, मानसिक संतोष तथा अकेलेपन से जुड़े पहलुओं का अध्ययन किया गया। विद्यार्थियों ने वृद्धजनों के अनुभवों को समझते हुए उनके जीवन की वास्तविक परिस्थितियों को जानने का प्रयास किया।

इस दौरान विद्यार्थियों ने वृद्धाश्रम में उपलब्ध सुविधाओं एवं कल्याणकारी व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। वृद्धजनों के मानसिक स्वास्थ्य एवं प्रसन्नता के लिए नियमित पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और मनोरंजन की व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।इसके साथ ही धार्मिक गतिविधियों से जुड़ाव, तीर्थयात्राओं तथा भरण-पोषण एवं वृद्धावस्था पेंशन जैसी कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को सहायता उपलब्ध कराने के प्रयासों को भी समझा। इस शैक्षणिक गतिविधि से विद्यार्थियों को समाजशास्त्र के सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने, साक्षात्कार एवं अनुसंधान कौशल विकसित करने तथा सामाजिक समस्याओं का वास्तविक परिस्थितियों में अध्ययन करने का अवसर मिला।

विद्यार्थियों ने यह भी अनुभव किया कि बदलती पारिवारिक संरचना और संयुक्त परिवार व्यवस्था में आ रहे बदलावों के बीच वृद्धजनों की देखभाल, सुरक्षा, सम्मान और भावनात्मक सहयोग सुनिश्चित करना परिवार एवं समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। समाजशास्त्र विभाग की यह पहल विद्यार्थियों में सामाजिक संवेदनशीलता, मानवीय दृष्टिकोण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रकार के शैक्षणिक सर्वेक्षण विद्यार्थियों को समाज की जमीनी वास्तविकताओं से परिचित कराने के साथ-साथ एक संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित करते हैं।

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