अखिलेश यादव का बड़ा दावा: ‘14 बार अफसरों ने दर्ज कराई नोटिंग्स, किस के इशारे पर हो रहा ये सब?’

SIR Dispute Report 2026: चुनाव आयोग (ECI) के आंतरिक फैसलों और कार्यप्रणाली को लेकर सामने आई एक मीडिया रिपोर्ट के बाद देश का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। अंग्रेजी दैनिक ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट में दावा किया गया कि ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) समेत आयोग के कुछ अहम फैसलों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों के बीच गहरे मतभेद थे।
इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होते ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फौरन प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता और संवैधानिक मर्यादाओं पर तीखा हमला बोल दिया। हालांकि, विवाद बढ़ता देख चुनाव आयोग के आधिकारिक सूत्रों ने इन खबरों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि आयोग के फैसलों पर आयुक्तों के बीच किसी भी प्रकार के मतभेद की बात निराधार है।
अखिलेश यादव का गंभीर आरोप: ‘लोकतंत्र को कमजोर कर रहीं निष्पक्ष संस्थाएं’
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जिस संस्था से निष्पक्ष रहकर लोकतंत्र को मजबूत करने की अपेक्षा की जाती है, यदि वहीं इस तरह की स्थितियां पैदा हो रही हैं, तो यह पूरे देश और लोकतांत्रिक ढांचे के लिए बेहद चिंताजनक है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि पिछले 10 महीनों के दौरान लगभग 14 बार ऐसी प्रक्रियाएं और कार्रवाइयां हुईं, जिन पर संबंधित अधिकारियों ने अपनी टिप्पणियां (नोटिंग्स) भी दर्ज कराई थीं। सपा मुखिया ने सीधा सवाल दागते हुए पूछा कि आखिर देश की यह शीर्ष संवैधानिक संस्था किसके दबाव या इशारे पर इस तरह का आचरण कर रही थी।
2022 के विधानसभा चुनाव की याद दिलाते हुए सपा वोटरों के नाम काटने का दावा
प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए पुरानी शिकायतों को फिर दोहराया। उन्होंने कहा, “मैंने तो साल 2022 के चुनाव में ही सार्वजनिक रूप से यह आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग के अधिकारियों ने जानबूझकर समाजवादी पार्टी के समर्थक मतदाताओं को चिन्हित किया और सुनियोजित तरीके से उनके नाम वोटर लिस्ट से बाहर कर दिए।” उन्होंने कहा कि निष्पक्ष संस्थाओं की विश्वसनीयता पर आंच आना लोकतंत्र के बुनियादी स्तंभों को हिलाने जैसा है और जनता का भरोसा व्यवस्था से उठने लगा है।
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यूपी सरकार पर ‘डिमोलिशन’ मॉडल का आरोप, अयोध्या को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाने का वादा
अखिलेश यादव ने इस दौरान उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की सत्ता मनमानी पर उतर आई है और संवैधानिक व्यवस्थाओं व कानून-कायदों को लगातार कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्यशैली हर स्थापित व्यवस्था, नियम और नागरिकों के हक-सम्मान को सिर्फ ‘डिमोलिश’ करने तक सीमित रह गई है। वहीं अयोध्या के विकास पर सपा का रुख साफ करते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी या उसका कोई भी कार्यकर्ता कभी प्रभु राम की नगरी के विकास में रोड़ा नहीं बनेगा, बल्कि जब भी जनता उन्हें अवसर देगी, वे अयोध्या को एक वास्तविक ‘वर्ल्ड क्लास सिटी’ के रूप में विकसित करके दिखाएंगे।



