बड़े पर्दे पर जीवंत होगी प्रभु श्रीराम की अमर गाथा, ‘राम-मर्यादा की वापसी’ फिल्म की घोषणा
क्राउड फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट बनाएगा भव्य हिंदी रामायण फिल्म, रामनवमी 2027 पर प्रदर्शन का प्रस्तावित लक्ष्य

गाजियाबाद। भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और भगवान श्रीराम के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से क्राउड फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट ने अपनी आगामी हिंदी फीचर फिल्म ‘राम-मर्यादा की वापसी’ बनाने की घोषणा की है। इस फिल्म के माध्यम से भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर उनके राज्याभिषेक तक की संपूर्ण रामकथा को भव्य रूप में बड़े पर्दे पर प्रस्तुत किया जाएगा।
फिल्म के निर्माता एवं क्राउड फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह हैं। फिल्म निर्माण की परिकल्पना इस उद्देश्य से की गई है कि भगवान श्रीराम के जीवन, उनके त्याग, साहस, आदर्शों, कर्तव्यनिष्ठा, न्यायप्रियता और मर्यादा के संदेश को देशभर के दर्शकों तक पहुंचाया जा सके।
फिल्म में रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों को भावनात्मक और प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत करने की योजना है। इसके लिए आधुनिक दृश्य प्रभाव तकनीक, आकर्षक दृश्यांकन, प्रभावशाली संगीत और सशक्त पटकथा का सहारा लिया जाएगा, ताकि दर्शकों को रामायण की गाथा का भव्य सिनेमाई अनुभव मिल सके।
नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास
फिल्म का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि बच्चों, युवाओं और परिवारों को भगवान श्रीराम के जीवन से मिलने वाली प्रेरणा और आदर्शों से परिचित कराना भी है। सत्य, धर्म, त्याग, सेवा, कर्तव्य, न्याय और मर्यादा जैसे जीवन मूल्यों को समाज तक पहुंचाना इस फिल्म की प्रमुख परिकल्पना है। निर्माताओं का मानना है कि भगवान श्रीराम का जीवन आज भी प्रत्येक पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
देशभर की प्रतिभाओं को मिलेगा अवसर
फिल्म निर्माण की आगामी प्रक्रिया में देशभर के प्रतिभाशाली कलाकारों को जोड़ने की योजना बनाई गई है। इसमें बाल कलाकारों, युवा कलाकारों, महिला एवं पुरुष कलाकारों, रंगमंच से जुड़े कलाकारों, गायकों, नर्तकों और अन्य रचनात्मक प्रतिभाओं को अपनी कला दिखाने का अवसर देने की पहल की जाएगी। कलाकारों के चयन के लिए अभिनय परीक्षण की तारीख, स्थान, आवेदन प्रक्रिया और अन्य जानकारियां अलग से आधिकारिक रूप से जारी की जाएंगी।
रामनवमी 2027 पर फिल्म प्रदर्शित करने का लक्ष्य
निर्माण संस्था की ओर से फिल्म को 15 अप्रैल 2027, रामनवमी के अवसर पर प्रदर्शित करने का प्रस्तावित लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, कलाकारों के चयन, फिल्म निर्माण और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के आधार पर अंतिम प्रदर्शन तिथि की पुष्टि की जाएगी।
अरविंद कुमार सिंह ने देशवासियों से की जुड़ने की अपील
फिल्म के निर्माता अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि भगवान श्रीराम केवल आस्था के प्रतीक ही नहीं, बल्कि आदर्श जीवन, मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और न्याय के प्रेरणास्रोत हैं। हमारा प्रयास है कि रामकथा को ऐसी भव्य सिनेमाई प्रस्तुति के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए, जिसे बच्चे, युवा और पूरा परिवार एक साथ देख सके। हमारा सपना है कि भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति का संदेश देश के प्रत्येक घर तक पहुंचे



