गर्भपात, दहेज उत्पीड़न मामले में रिपोर्ट दर्ज के आदेश
एसीजेएम पंचम ने इकदिल पुलिस को एक सप्ताह में मुकदमा दर्ज कर विवेचना के दिए निर्देश

इटावा। दहेज उत्पीड़न, मारपीट,जबरन गर्भपात कराने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों से जुड़े मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) कोर्ट संख्या-05 इटावा ने थाना इकदिल पुलिस को एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने थानाध्यक्ष को एक सप्ताह के भीतर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
पीड़िता शिवानी की ओर से अधिवक्ता विकास दिवाकर और सहयोगी अधिवक्ता विश्वनाथ प्रताप सिंह के माध्यम से धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। इसमें आरोप लगाया गया कि इकदिल क्षेत्र के ग्राम कल्याणपुर निवासी अभिनव राजपूत ने शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। गर्भवती होने के बाद आरोप है कि अभिनव के पिता सूरज और मौसा विकास ने आर्य समाज मंदिर में दोनों का विवाह कराया।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, विवाह के कुछ समय बाद पीड़िता को ससुराल में रखने के बाद नोएडा भेज दिया गया। वहां पति और ससुर पर उसकी इच्छा के विरुद्ध निजी अस्पताल में गर्भपात कराने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने करीब एक वर्ष तक मायके वालों से संपर्क नहीं करने देने का भी आरोप लगाया।
आरोप है कि बाद में ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त दहेज में दो लाख रुपये और अपाचे मोटर साइकिल की मांग की। मांग पूरी न होने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने तथा घर से निकालने का आरोप लगाया गया है।
पीड़िता के मुताबिक, उसने इकदिल पुलिस और एसएसपी इटावा से शिकायत की,लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली। सुनवाई के दौरान पीड़िता की ओर से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए थाना इकदिल पुलिस को एक सप्ताह में एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करने के आदेश दिए हैं।



