लेप्रोस्कोपिक ऑपरेशन से मरीज को मिली नई जिंदगी

आधुनिक युग की बढ़ती समस्या जीईआरडी का हुआ लेप्रोस्कोपिक सफल ऑपरेशन

सैफई,इटावा। आधुनिक जीवनशैली के कारण तेजी से बढ़ रही गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज जीईआरडी आज स्वास्थ्य क्षेत्र के समक्ष एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है। दवाओं से लाभ न मिलने की स्थिति में यह रोग मरीजों के जीवन की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।

इसी क्रम में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के सामान्य शल्य चिकित्सा (जनरल सर्जरी) विभाग ने तीन वर्षों से अनियंत्रित जीईआरडी से पीड़ित 20 वर्षीय युवक का सफल उपचार कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

प्रो.एस.पी.सिंह एवं प्रो. विपिन गुप्ता के कुशल नेतृत्व में विभागीय टीम ने लेप्रोस्कोपिक निसेन फंडोप्लिकेशन नामक अत्याधुनिक एवं न्यूनतम चीरा आधारित शल्य प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न किया। इस टीम में डॉ.राम लखन सिंह वर्मा, डॉ.विवेक वर्मा,डॉ.कृष्णा तथा डॉ.पीयूष की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

ऑपरेशन के पश्चात मरीज के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ तथा उसे पूर्णतः संतोषजनक स्थिति में अस्पताल से छुट्टी प्रदान कर दी गई।

इस सफलता पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो.डॉ.अजय सिंह ने चिकित्सा दल को बधाई देते हुए कहा कि न्यूनतम चीरा आधारित शल्य चिकित्सा के वर्तमान युग में सैफई को अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित करने के लिए ऐसे नवाचारपूर्ण एवं उच्च गुणवत्ता वाले उपचार निरंतर जारी रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

यह उपलब्धि सैफई की उत्कृष्ट चिकित्सकीय सेवाओं,आधुनिक तकनीक के उपयोग तथा मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य देखभाल के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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