एक और कंपनी बंद, 400 कर्मचारियों की नौकरी गई
Trade War Impact: अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध के बीच एक बड़ी कंपनी ने 25 साल बाद चीन में अपना कारोबार बंद कर दिया। 400 कर्मचारियों की छंटनी हुई।

Trade War Impact: अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापार युद्ध का असर अब तकनीकी उद्योग पर सीधा पड़ रहा है। अमेरिकी सॉफ्टवेयर दिग्गज SAS इंस्टीट्यूट ने 25 साल बाद चीन में अपना कारोबार बंद करने का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी के इस अचानक कदम में 400 कर्मचारियों को वीडियो कॉल के ज़रिए नौकरी से निकाल दिया गया है। चाहे निजी कारणों से हो या राजनीतिक तनाव से अमेरिका के इस फैसले ने चीन के लिए नई मुसीबतें पैदा कर दी हैं।
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, एनालिटिक्स में विशेषज्ञता रखने वाली इस कंपनी ने चीन में एक झटके में लगभग 400 नौकरियाँ समाप्त कर दी हैं। कंपनी के इस फैसले से प्रभावित कर्मचारियों ने बताया कि कंपनी ने ईमेल और वीडियो कॉल के ज़रिए छंटनी की घोषणा की
कंपनी का आधिकारिक बयान
SAS के एक प्रवक्ता ने कहा कि SAS चीन में अपना कारोबार बंद कर रहा है। यह फैसला वैश्विक स्तर पर हमारे कामकाज के तरीके में बदलाव का हिस्सा है। प्रवक्ता ने बताया कि इसीलिए हम अपनी योजना को मज़बूत कर रहे हैं और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला ले रहे हैं। हालाँकि, कंपनी तीसरे पक्ष के साझेदारों के ज़रिए देश में अपनी उपस्थिति बनाए रखेगी।
25 साल का सफ़र खत्म
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, SAS ने 1999 में चीन में प्रवेश किया। इसने 2005 में बीजिंग में एक अनुसंधान एवं विकास केंद्र और उपयोगकर्ता सहायता सेवाएं खोलीं। गौरतलब है कि कंपनी को लगातार 17 सालों तक ‘चीन में शीर्ष नियोक्ता’ का दर्जा दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, शंघाई स्थित कार्यालय अब लगभग खाली है, वहीं ग्वांगझू स्थित दो शाखाएँ बंद हो गई हैं।
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आपको बता दें कि SAS दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से बाहर निकलने वाली अकेली अमेरिकी कंपनी नहीं है। सितंबर में डेल टेक्नोलॉजीज ने शंघाई और ज़ियामेन स्थित अपनी इकाइयों में कर्मचारियों की संख्या में कटौती की। माइक्रोन टेक्नोलॉजी ने कमज़ोर मांग के कारण कटौती की घोषणा की। इन मामलों ने चीन के रोज़गार क्षेत्रों के लिए नई समस्याएं पैदा कर दी हैं।



