T20 वर्ल्ड कप जीतने वाले खिलाड़ियों को मैच फीस पर कितना टैक्स देना होगा

T20 WC 2026: भारतीय क्रिकेटर मैदान पर जितने ज़्यादा रन बनाते हैं, उन्हें अपनी कमाई पर उतना ही ज़्यादा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को देना पड़ता है। BCCI की सैलरी, IPL की करोड़ों की बोलियों और विज्ञापनों से कमाए गए पैसे पर असल में टैक्स कैसे लगता है? प्रोफेशनल खिलाड़ी होने के नाते उन पर क्या नियम लागू होते हैं? यह एक खास रिव्यू है।

मैच फीस और सैलरी पर 10% TDS

भारतीय क्रिकेटरों को BCCI या IPL फ्रेंचाइजी से मिलने वाला पैसा ‘बिज़नेस या प्रोफेशन’ की कैटेगरी में आता है। BCCI खिलाड़ियों को मैच फीस देते समय 10% TDS काटता है। यह कटौती इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के सेक्शन 393 के तहत की जाती है। क्रिकेटरों की इस प्रोफेशनल इनकम पर 18% GST भी लगता है। हालांकि, सरकार द्वारा आयोजित मैचों पर GST में छूट है।

प्राइज और अवॉर्ड पर 30% टैक्स!

मैन ऑफ द मैच या मैन ऑफ द सीरीज के तौर पर मिलने वाले कैश पर सरकार की कड़ी नज़र रहती है। इनाम के तौर पर मिली रकम को ‘दूसरे सोर्स से इनकम’ माना जाता है। इस पर 30 परसेंट का डायरेक्ट टैक्स देना होता है। यह रकम देने से पहले अवॉर्ड देने वाली बॉडी 30 परसेंट TDS काटती है। हालांकि, सरकार की तरफ से दिए जाने वाले ‘अर्जुन अवॉर्ड’ या दूसरे सरकारी अवॉर्ड पूरी तरह टैक्स-फ्री होते हैं।

IPL और प्राइवेट लीग का गणित

  • IPL में ऑक्शन फीस, रिटेंशन मनी या साइनिंग बोनस पर भी हर खिलाड़ी के टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है।
  • फ्रैंचाइज़ी का रोल: संबंधित IPL टीम खिलाड़ी की मेहनताने से 10 परसेंट TDS काटती है।
  • प्रोफेशनल इनकम: चूंकि यह सारी इनकम प्रोफेशनल फीस मानी जाती है, इसलिए खिलाड़ियों को इस पर 18 परसेंट GST देना ज़रूरी है।

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नॉन-रेसिडेंट खिलाड़ियों के लिए क्या नियम हैं?

अगर कोई खिलाड़ी भारत का रहने वाला है, तो उसे दुनिया में कहीं भी खेलने से होने वाली कमाई पर भारत में टैक्स देना होता है। दूसरी ओर, अगर कोई खिलाड़ी ‘NRI’ है, तो उसे सिर्फ़ भारत से कमाई गई इनकम (जैसे भारत में IPL मैच) पर ही टैक्स देना होगा।

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