तिरंगे में लिपटकर घर लौटा जवान अजय: अंतिम दर्शन में उमड़ा जनसैलाब
पत्नी को सौंपा गया तिरंगा,मासूम बच्चे-परिजनों की चीख-पुकार से नम हुईं जनसमूह की आंखें,

भरथना,इटावा। पंजाब राज्य के जनपद फिरोजपुर स्थित सेना मुख्यालय में ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से शहीद हुए भारतीय सेना के जवान अजय कुमार यादव का पार्थिव शरीर गुरुवार सुबह करीब दस बजे उनके पैतृक गांव नगला गनू भरथना पहुंचा। तिरंगे में लिपटे जवान के अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। गांव की गलियां भारत माता की जय और अजय यादव अमर रहें के नारों से गूंज उठीं। वहीं परिजनों की चीख-पुकार सुनकर मौजूद जनसमूह की आंखें भी नम हो गईं।
भरथना थाना क्षेत्र के नगला गनू निवासी अजय कुमार यादव भारतीय सेना में वायरलेस ऑपरेटर के पद पर तैनात थे। वर्ष 2016 में सेना में भर्ती हुए अजय वर्तमान में पंजाब राज्य के जनपद फिरोजपुर स्थित आर्मी हेडक्वार्टर में सेवाएं दे रहे थे। मंगलवार को ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी,जिसके बाद उपचार के दौरान उनका निधन हो गया था।
गुरुवार सुबह जैसे ही सेना के वाहन से जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, वैसे ही परिवार में कोहराम मच गया। तिरंगे में लिपटे पति को देखते ही पत्नी शालू उर्फ रिया बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ीं। वह बार-बार पति के पार्थिव शरीर से लिपटकर बिलखती रहीं। अंतिम दर्शन के दौरान उनका आंचल फैला हुआ था और आंखों से आंसुओं की धारा थमने का नाम नहीं ले रही थी। आसपास मौजूद महिलाओं ने उन्हें संभालने का प्रयास किया,लेकिन पति के बिछड़ने का दर्द बार-बार उनके आंसुओं के रूप में छलकता रहा।
सबसे मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला जब सेना के अधिकारियों ने अंतिम सम्मान स्वरूप जवान की पत्नी शालू को तिरंगा सौंपा,तिरंगे को सीने से लगाकर वह फफक पड़ीं। वहीं पिता को तिरंगे में लिपटा देखकर मासूम बच्चे भी बिलख पड़े। यह दृश्य देखकर मौजूद जनसमूह की आंखें नम हो गईं।
पूरे परिवार के सहारा बने अजय कुमार यादव के असमय दुखद निधन से माता ऊषा देवी,पिता सुरेंद्र कुमार यादव और बड़े भाई पंकज यादव का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है। जवान बेटे के पार्थिव शरीर को सामने देख मां बार-बार बिलख उठीं। पिता सुरेंद्र कुमार यादव नम आंखों से अपने बेटे को निहारते रहे। वहीं सेना में तैनात बड़े भाई पंकज यादव भी छोटे भाई को अंतिम सलामी दिए जाने के दौरान भावुक हो गए। परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंचे रिश्तेदार और ग्रामीण भी अपने आंसू रोक नहीं सके। पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
कानपुर से आई सेना की बटालियन के नायब सूबेदार पूर्णाराय ने अपनी 16 सदस्यीय टीम के साथ जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सैनिकों ने शस्त्र झुकाकर अंतिम सलामी दी और मातृभूमि के इस सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की। सैन्य सम्मान के दौरान पूरा माहौल गमगीन हो गया।
अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव,सांसद जितेंद्र दोहरे,विधायक राघवेंद्र गौतम,पूर्व चेयरमैन मनोज पोरवाल तथा पूर्व ब्लॉक प्रमुख हरिओम यादव ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वहीं एसडीएम काव्या सी, तहसीलदार दिलीप कुमार, सीओ रामदवन मौर्य,थाना प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह समेत प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस कर्मियों ने भी नम आंखों से जवान को अंतिम विदाई दी।
इसके अलावा क्षेत्र के करीब पचास पूर्व सैनिक भी गांव पहुंचे और अपने साथी सैनिक को श्रद्धासुमन अर्पित किए। अंतिम यात्रा में शामिल हजारों लोगों ने नम आंखों से भारत माता के इस वीर सपूत को विदाई दी। गांव में हर तरफ शोक का माहौल बना रहा।
शहीदों जैसी सम्मानजनक विदाई के माहौल के बीच गांव के युवाओं और बच्चों में भी अपने सैनिक भाई के प्रति विशेष सम्मान दिखाई दिया। बड़ी संख्या में युवा और बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर अंतिम यात्रा में शामिल हुए। भारत माता की जय,वंदे मातरम् और अजय यादव अमर रहें के नारों से पूरा गांव गूंज उठा। तिरंगा लहराते हुए युवाओं ने अंतिम यात्रा के दौरान देशभक्ति का संदेश दिया अंतिम यात्रा में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा और हर कोई नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देता नजर आया।



