shadashtak yoga 2025: जानिए कैसे बचें इस विनाशकारी योग से

जानें इस अशुभ योग का प्रभाव, दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय, और मानसिक तनाव को कम करने के लिए हनुमान पूजा का महत्व।

shadashtak yoga 2025: मंगल और हर्षल ग्रहों का षडाष्टक योग 2025 में शुरू होकर अक्टूबर के मध्य तक रहेगा। यह योग अशुभ माना जाता है क्योंकि मंगल अग्नि तत्व का उग्र ग्रह है और हर्षल भी अत्यंत विस्फोटक प्रवृत्ति वाला ग्रह है। इस योग के दौरान अग्नि, बिजली के उपकरण, गैस सिलेंडर और अन्य उपकरणों के उपयोग में विशेष सावधानी आवश्यक है।

ऋणात्मक प्रभाव और सावधानी (Impact of Shadashtak Yoga)

  • दुर्घटनाओं और आग लगने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
  • बच्चों को रसोई के पास न आने दें और गीजर या बिजली के उपकरण ठीक से बंद करें।
  • वाहन सावधानी से चलाएं और विवादास्पद भाषण या बहस से बचें।
  • मानसिक तनाव, क्रोध, और पारिवारिक झगड़ों की संभावना बढ़ सकती है।

ये भी पढ़ें- Navratri Vinayak Chaturthi Puja Vidhi: व्रत पूजन कैसे करें, जानें सरल विधि

सकारात्मक उपाय (Positive measures of Shadashtak)

  • मारुति (हनुमान) की पूजा करें और हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करें।
  • मंगलवार को हनुमान मंदिर जाकर सिंदूर अर्पित करना शुभ माना जाता है।
  • इस अवधि में ग्रहों की ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग करें, जिससे प्रगति संभव हो।

ये भी पढ़ें- Dussehra 2025 start date and end date: जानिए कब है दशहरा

बता दें कि 2025 का shadashtak yoga दिमागी टेंशन और शत्रुता को बढ़ावा देगा, लेकिन संयम, पूजा-पाठ और सावधानी से इसका असर कम किया जा सकता है। अपने जीवन में अनुशासन बनाए रखें और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें।

ये भी पढ़ें- bad morning habits: सुबह की ये 6 गलतियां आपके पेट को कर रही हैं बर्बाद

हमारे अनुशासित जीवन में ऐसे बुरे shadashtak yoga वक्त वक्त पर आते रहते हैं, इसलिए हम जीना नहीं छोड़ते। मगर हम शांत रहकर और पूजा-पाठ करके इस पर काबू पा सकते हैं। योगाभ्यास, प्राणायाम, नियमित जप को बढ़ाना चाहिए ताकि ये समस्या कम हो सके। मंगल की ऊर्जा को मोड़ने के लिए नियमों का अभ्यास करना चाहिए।

Related Articles

Back to top button