जिस नौकर को 1.5 महीने पहले निकाला, उसने घर में घुसकर ली बेटी की जान; वजह जानकर कांप जाएगी रूह

दिल्ली में आईआरएस अधिकारी की बेटी की नृशंस हत्या की सनसनीखेज वारदात वाकई दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक है। पुलिस ने तत्परता दिखाकर फरार हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

इस घटना ने एक बार फिर घरेलू नौकरों की नीयत व ईमानदारी पर सवाल उठाए हैं। यह सवाल अहम है कि जिस राहुल मीणा को डेढ़ माह पूर्व नौकरी से हटा दिया गया था, वह आसानी से वहां कैसे पहुंच गया? अधिकारी के घर में एंट्री पाने में वह कैसे सफल हो गया? वह भी तब जब घर पर मालिक और मालकिन मौजूद नहीं थे।

घर में अकेले बच्चों को नौकरों के भरोसे छोड़ने से पहले यह खबर जरूर पढ़ लें

देश की राजधानी में घरेलू नौकर अक्सर जघन्य वारदात में संलिप्त पाए जाते हैं। मालिक के भरोसे को तोड़कर वह लालच में आकर संगीन अपराध करने से भी नहीं चूकते हैं। हत्यारोपी द्वारा अधिकारी की बेटी का शारीरिक शोषण किए जाने की संभावना भी जाहिर की गई है। पुलिस का दावा है कि आरोपी राहुल लूटपाट के इरादे से पहुंचा था, मगर विरोध होने पर उसने घर में मौजूद अकेली युवती को निशाना बनाने में देर नहीं की। गिरफ्तार हत्यारोपी ऑनलाइन जुआ खेलने का आदी था।

जुए में सात लाख रुपए हार जाने और रकम का इंतजाम न होने के कारण वह तनाव में घिर चुका था। खैर आईआरएस अधिकारी की होनहार बेटी अब वापस नहीं आने वाली है। बेटी की हत्या ने पूरे परिवार को स्तब्ध और गमगीन कर दिया है। मेट्रो शहरों में पिछले कुछ साल में घरेलू नौकरों की डिमांड काफी बढ़ी है। कामकाजी दंपति अक्सर घरेलू कामकाज के लिए नौकर हायर कर लेते हैं।

नौकरों के भरोसे घर के बड़े बुजुर्ग तथा बच्चे रहते हैं। ऐसे में कई बार नौकर मौके का लाभ उठाकर आपराधिक वारदात करने में कामयाब हो जाते हैं। घरेलू नौकर का पुलिस वैरिफिकेशन भी नहीं कराया जाता। दिल्ली-एनसीआर में पश्चिम बंगाल, बिहार, पंजाब आदि राज्यों के नागरिक बड़ी संख्या में घरेलू नौकर का काम कर रहे हैं। निजी एजेंसियों के जरिए भी नौकरों को रखवाने का कारोबार चल रहा है। यह एजेंसियां एकमुश्त रकम वसूलने के बाद अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेती हैं।

जुए और नशे की लत ने घरेलू नौकरों को बनाया अपराधी

पिछले कुछ दिनों में घरेलू नौकरों द्वारा भरोसा तोड़ने और गंभीर अपराधों को अंजाम देने के कई मामले सामने आए हैं। ये घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं और नागरिकों को अपने मददगारों के चयन में सतर्क रहने की चेतावनी देती हैं। नौकरों द्वारा आमतौर पर जुआ, नशा या कर्ज के कारण पैसों की तंगी से परेशान होकर गलत रास्ते अपनाने की घटनाएं सामने आती हैं।

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सुरक्षा के लिए सावधानी अत्यंत आवश्यक है, बेशक कर्मचारी कितना भी भरोसेमंद क्यों न लगे। घर में कीमती सामान सुरक्षित रखें और नौकरों की गतिविधियों पर हमेशा नजर रखें। गाजियाबाद की क्रॉसिंग रिपब्लिक, राजनगर एक्सटेंशन, कविनगर, राजनगर, गोविंदपुरम, वसुंधरा, वैशाली, इंदिरापुरम, कौशांबी, सूर्य नगर, चंद्र नगर, रामप्रस्थ, रामपुरी जैसी कॉलोनियों में ज्यादातर घरों में नौकरों की सेवाएं ली जाती हैं, मगर अधिकांश भवन स्वामी नौकरों का पुलिस वेरिफिकेशन कराने की जहमत नहीं उठाते।

इसका पछतावा उन्हें तब होता है जब कोई नौकर भरोसे का कत्ल कर रफूचक्कर हो जाता है। दिल्ली की घटना से उन परिवारों को सबक लेने की जरूरत है, जो घरेलू नौकर पर आंख मूंदकर विश्वास करते हैं। नौकरों के सहारे परिवार के सदस्यों और सामान को छोड़कर कई-कई दिन बाहर घूमने चले जाते हैं।

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