प्रशासनिक उदासीनता के चलते जाम से जूझ रहे स्कूली बच्चे, व्यापारी, दैनिक यात्री व आपातकालीन सेवाएं

राजेश मिश्रा – संवाददाता स्टार एक्सप्रेस
महराजगंज, रायबरेली। कस्बे में लगने वाले जाम से जहां आम राहगीर पीड़ित है वहीं स्कूली बच्चों क लिए आवागमन दुर्लभ हो गया है। इस जाम में सबसे बड़ा योगदान ई रिक्शा चालकों का है जो बिना रोक टोक जहां चाहते है वहां खड़ा कर देते है।साथ ही प्रशासनिक उदासीनता भी इसका कारण है। यह जाम का झाम, स्कूली बच्चों, व्यापारियों, दैनिक यात्रियों, कांवड़ यात्रा के साथ ही आपातकालीन सेवाओं को भी प्रभावित कर रहा है।कांवड़ यात्रा को लेकर जहां जिला प्रशासन सजग नजर आ रहा वहीं महराजगंज में प्रशासनिक अधिकारी तहसील मुख्यालय को ही अतिक्रमणकारियों के जाल से मुक्त नहीं करा सके हैं।
कस्बे में जाम की समस्या से हर कोई परेशान है। आलम यह है कि कस्बे में कब जाम लग जाए, यह किसी को पता नहीं रहता है। कस्बे के विद्यालयों में छुट्टी होने पर स्थित और भी बद्तर हो जाती है, इस दौरान कस्बे में घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है। इस दौरान दैनिक यात्रियों के साथ ही स्कूली छात्र व आपातकालीन सेवा में लगी एंबुलेंस व डायल 112 के वाहन जाम में घंटों फंसे रहते हैं।
कस्बे की साप्ताहिक बाजार वाले दिन सोमवार व शुक्रवार को स्थिति और भी खराब रहती है। इस दौरान अस्पताल आए मरीज भी जाम के झाम का शिकार हो आए दिन परेशान हो रहे हैं।लेकिन प्रशासनिक उदासीनता की वजह से इसका निस्तारण नहीं हो पा रहा है। इसका खामियाजा कस्बेवासियों व क्षेत्रीय लोगों को भुगतना पड़ता है। तहसील मुख्यालय के सामने पटरी दुकानदारों व बेतरतीब खड़े वाहनों की वजह से जाम की स्थिति बनी ही रहती है वहीं बात अगर प्रमुख मार्गों की करें तो सुबह नौ बजे से ही जाम की स्थिति शुरू हो जाती है।
यह सब दुकानदारों द्वारा दुकानों के आगे अतिक्रमण व सड़क के दोनों ओर पटरियों पर सजी दुकानों से हो रहा है।उस पर ई-रिक्शा कोढ़ में खाज साबित हो रहे हैं।आलम यह है कि कस्बे की सड़कों पर एक साथ दो वाहनों के गुजरने की स्थिति में पैदल निकलना भी मुहाल है।ऐसी स्थिति में सावन माह में चल रही कांवड़ यात्रा के कांवड़िए भी जाम के झाम में फंसे नजर आ रहे हैं।



