करवाचौथ पर पति के दीदार को व्याकुल हुई रेनू
अपनों के इंतजार में टकटकी लगाए बैठी

जसवंतनगर,इटावा। करवाचौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना का पर्व है। गुरुवार को जब महिलाएं सज-संवरकर अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रख रही थीं, उसी दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जसवंतनगर के वेटिंग एरिया में बैठी रेनू पाण्डेय की आंखें भी अपने पति के दीदार के लिए तरसती रहीं। परिवार से बिछुड़ी रेनू करवाचौथ के अवसर पर पति को याद कर भावुक हो गईं। उन्होंने भी अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। हालांकि, इस खास दिन पर उनके साथ न पति थे और न ही बेटा। वह अपनों के लौटने की उम्मीद में अस्पताल के गेट की ओर निगाहें लगाए बैठी रहीं।
रेनू पाण्डेय के लिए बीते कुछ दिन किसी दुखद सपने से कम नहीं रहे हैं। जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर को गोरखपुर से उदयपुर जाते समय किसी अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया था। इस घटना में घायल रेनू बेहोशी की हालत में मिली थीं। उन्हें उपचार के लिए सीएचसी जसवंतनगर में भर्ती कराया गया था। यहां इलाज के दौरान जब उन्हें होश आया तो उन्होंने अपने पति का नाम पवन पाण्डेय और बेटे का नाम कृष्णा पाण्डेय बताया।
रेनू ने बताया कि उनका बेटा कृष्णा अयोध्या के किसी गुरुकुल में पढ़ाई करता है। उन्होंने अपने परिवार के बारे में जो जानकारी दी है, उसके आधार पर उनके परिजनों तक पहुंचने की उम्मीद की जा रही है। लेकिन अभी तक उनके परिवार का पता नहीं चल सका है। अस्पताल में उपचार के बीच रेनू की निगाहें लगातार अपने परिचितों और परिजनों को तलाशती रहती हैं।
करवाचौथ के दिन रेनू को अपने पति की विशेष रूप से याद आई। दूसरे घरों में जहां महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना के साथ त्योहार मना रही थीं, वहीं रेनू अपने परिवार से दूर अस्पताल में बैठी रहीं। पति पवन और बेटे कृष्णा से मिलने की आस उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थी। उन्होंने अपने पति के सुखी और स्वस्थ जीवन की कामना की। परिवार से बिछुड़ने का दर्द और अपनों से मिलने की उम्मीद उनके लिए इस त्योहार को भावुक कर देने वाला पल बना गई।
सीएचसी के अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बस्ती जिले के लोगों से अपील की है कि यदि कोई रेनू पाण्डेय को पहचानता हो या उनके परिवार के बारे में जानकारी रखता हो तो उनके परिजनों तक सूचना पहुंचाने में मदद करे। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोगों के सहयोग से रेनू के परिवार का पता चल सकेगा और वह अपने पति व बेटे से मिल सकेंगी।
फिलहाल रेनू सीएचसी जसवंतनगर के वेटिंग एरिया में अपनों के आने की आस लगाए बैठी हैं। करवाचौथ के इस दिन उनकी सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि कोई परिचित उन्हें पहचान ले और वह जल्द अपने परिवार के बीच पहुंच सकें।



