सिलेंडर खत्म होने का डर होगा खत्म! जानिए पीएनजी कनेक्शन के वो फायदे जो एलपीजी में नहीं
png gas connection: ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमले से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई। भारत में एलपीजी की कमी और पीएनजी विकल्प के बारे में जानें।

png gas connection: हाल ही में ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमलों ने तेल और गैस की सप्लाई चेन को हिलाकर रख दिया है। गल्फ क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण तेल भंडारों को नुकसान पहुंचा। इसका असर न सिर्फ मध्य पूर्व बल्कि भारत समेत दुनिया के कई देशों पर महसूस किया जा रहा है। इस समय कई देशों को दशकों में सबसे बड़ी ईंधन समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
भारत में एलपीजी संकट
भारत में सरकार लोगों को एलपीजी सिलिंडर छोड़कर पीएनजी कनेक्शन अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने की वजह से एलपीजी की सप्लाई बाधित हो गई है। कई शहरों में सिलिंडरों के लिए लंबी लाइनों और देरी की समस्या सामने आ रही है।
पीएनजी क्या है और क्यों है अलग
पीएनजी यानी पाइपलाइन से घर तक पहुँचने वाली प्राकृतिक गैस है। यह मुख्य रूप से मीथेन से बनी होती है और पाइपलाइनों के जरिए सीधे घरों तक पहुंचती है। एलपीजी के विपरीत, पीएनजी को रिफिल करने की जरूरत नहीं होती। यह सिटी गैस नेटवर्क के माध्यम से लगातार सप्लाई होती है।
पीएनजी की आपूर्ति का स्रोत
भारत में पीएनजी उत्पादन मुख्य रूप से कृष्णा-गोदावरी बेसिन, असम और त्रिपुरा से होता है। केजी बेसिन में आर क्लस्टर, सैटेलाइट क्लस्टर और एमजे क्षेत्र सबसे ज्यादा गैस उत्पादन करते हैं। 2024 में भारत में कुल 36 बीसीएम पीएनजी में से 25 फीसदी इसी क्षेत्र से आया। अनुमान है कि पूरे जीवनकाल में यहां से कुल 85 बीसीएम गैस निकाली जाएगी। असम और त्रिपुरा से देश की लगभग 47 फीसदी घरेलू गैस आती है। इसके अलावा भारत मध्य पूर्व से एलएनजी आयात करता है।
एलपीजी की आपूर्ति क्यों प्रभावित है
एलपीजी क्रूड ऑयल से बनाई जाती है और मुख्य रूप से मध्य पूर्व से आयात होती है। भारत अपनी एलपीजी खपत का 60 फीसदी आयात पर निर्भर करता है। इस समय होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण टैंकरों की आवाजाही कम हो गई है, जिससे सिलिंडरों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
पीएनजी सुरक्षित विकल्प
पीएनजी की सप्लाई पर वैश्विक संकट का असर नहीं पड़ता। यह पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए सीधे घरों तक आती है और सिलिंडर भरने की जरूरत नहीं होती। इसलिए, चाहे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितनी भी अशांति क्यों न हो, घरों में गैस की आपूर्ति जारी रहती है। सरकार इसी वजह से लोगों को पीएनजी पर स्विच करने की सलाह दे रही है।
भारत का एलएनजी आयात
भारत हर साल लगभग 25-26 मिलियन मीट्रिक टन एलएनजी का आयात करता है। 2025 में यह आंकड़ा लगभग 25.5 मिलियन टन था और भविष्य में यह 28-29 मिलियन टन तक पहुंचने का अनुमान है। एलएनजी की आधी जरूरत आयात से पूरी होती है, जिसमें कतर और अमेरिका प्रमुख स्रोत हैं।
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एलपीजी और पीएनजी कनेक्शनों की स्थिति
भारत में वर्तमान में 16.2 मिलियन घरेलू पीएनजी कनेक्शन हैं, वहीं एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या 332 मिलियन से अधिक है। 2014 में एलपीजी उपयोगकर्ता केवल 140 मिलियन थे। पीएम उज्ज्वला योजना के तहत 105.6 मिलियन बीपीएल परिवारों को सब्सिडी वाले कनेक्शन मिले हैं।



