सपा ने कह दिया ‘नामुमकिन’! फिर भी ओवैसी क्यों बार-बार बढ़ा रहे हैं अखिलेश की तरफ हाथ

Owaisi Akhilesh Yadav Alliance: उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गलियारों में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी रणनीतियों को धार देने में जुटी हैं। इसी बीच अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को गठबंधन का खुला न्योता दिया है। ओवैसी ने साफ शब्दों में कहा है कि उनकी पार्टी का मुख्य लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को उत्तर प्रदेश की सत्ता में आने से रोकना है और इसके लिए वे सपा के साथ मंच साझा करने को तैयार हैं।

मुरादाबाद में ओवैसी की चेतावनी: ‘अगर अखिलेश कुर्सी पर बैठेंगे, तो ओवैसी भी बराबर बैठेंगे’

शनिवार रात मुरादाबाद में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि गठबंधन की बातचीत शुरू करने का यह बिल्कुल सही समय है। एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा, “हम नहीं चाहते कि भाजपा दोबारा सत्ता में आए। आप हमेशा यह आरोप लगाते हैं कि ओवैसी के चुनाव लड़ने से वोटों का धुव्रीकरण होता है और आपको नुकसान पहुंचता है। इसलिए मैं आज खुद आपके साथ मिलकर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव रख रहा हूँ।” ओवैसी ने आगे कहा कि उनकी लड़ाई किसी धर्म के खिलाफ नहीं बल्कि आत्मसम्मान और सामाजिक न्याय के लिए है। उन्होंने तंज कसते हुए सपा को चेतावनी दी कि चुनाव नतीजे आने के बाद वे रोना न रोएं। ओवैसी ने जोर देकर कहा कि अब उनके समर्थक किसी के पीछे चटाई पर नहीं बैठेंगे बल्कि बराबरी का हक मांगेंगे।

10 दिनों में दूसरी बार गठबंधन की पेशकश: बीएसपी को भी दे चुके हैं संकेत

यह महज दस दिनों के भीतर दूसरा मौका है जब असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी की तरफ गठबंधन का हाथ बढ़ाया है। इससे पहले 18 जुलाई को दिए एक इंटरव्यू में ओवैसी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे भाजपा को मात देने के लिए अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी या मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP) में से किसी के साथ भी हाथ मिलाने को तैयार हैं। ओवैसी के इस लगातार आक्रामक रुख ने प्रदेश की राजनीति में एक नए कूटनीतिक समीकरण की चर्चा छेड़ दी है।

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समाजवादी पार्टी का रुख: सांसद मोहिबुल्लाह नादवी बोले—’गठबंधन बेहद मुश्किल’

हालांकि, ओवैसी के इस गठबंधन प्रस्ताव पर समाजवादी पार्टी का रुख फिलहाल बहुत उत्साहित करने वाला नजर नहीं आ रहा है। सपा के वरिष्ठ नेता और सांसद मोहिबुल्लाह नादवी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एआईएमआईएम के साथ गठबंधन होना बेहद मुश्किल लगता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली धर्मनिरपेक्ष विचारधारा पर काम करती है, जबकि ओवैसी की एक खास राजनीतिक विचारधारा है जिससे वे आगे नहीं बढ़ते। नादवी ने कहा कि गठबंधन को लेकर कोई भी अंतिम और औपचारिक फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और शीर्ष नेतृत्व द्वारा ही लिया जाएगा।

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