जिलाधिकारी की अध्यक्षता में फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनियों की बैठक, समस्याओं और सुझावों पर हुई विस्तृत चर्चा

मऊ। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में जनपद में संचालित सभी फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनियों (FPOs) और कृषि से जुड़े विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने हेतु महत्वपूर्ण बैठक कैंप कार्यालय में संपन्न हुई।

बैठक में जिले की प्रमुख एफपीओ कंपनियों—के.वी.टी. एग्रो रिसर्च एफपीओ भीटी, सहरोज फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी, एफवीएफ फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी, विन्ध्याचल कालिका एफपीओ, फतेहपुर मण्डाव ग्रीन वेजिटेबल एफपीओ और मुहम्मदाबाद सीड फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी—के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।

इसके साथ ही एलडीएम मऊ, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी, एआर कोऑपरेटिव तथा विभिन्न कृषि विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य एफपीओ की वर्तमान स्थिति, उनकी समस्याएं, जरूरतें और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल को मजबूत करना रहा। बैठक में जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने सभी एफपीओ प्रतिनिधियों से एक–एक कर उनकी समस्याएं और सुझाव विस्तार से सुने। उन्होंने कहा कि किसान उत्पादन समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए इनके कार्यों में आने वाली हर बाधा का समाधान प्राथमिकता पर किया जाएगा।

उन्होंने जिला स्तरीय एफपीओ समिति के सदस्यों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे सभी एफपीओ से निरंतर संपर्क बनाए रखें और उनकी आवश्यकताओं के आधार पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहयोग करें।

जिलाधिकारी ने उप कृषि निदेशक, मऊ को निर्देशित किया कि जल्द से जल्द जिला स्तरीय एफपीओ कमेटी की बैठक बुलाई जाए, ताकि सभी मुद्दों पर सामूहिक रूप से चर्चा कर आगे की रणनीति तैयार की जा सके। उन्होंने कहा कि एफपीओ को बाजार उपलब्धता, प्रसंस्करण, भंडारण और वित्तीय सहायता जैसी सुविधाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है ताकि किसान अधिक लाभ प्राप्त कर सकें।  बैठक के दौरान कई एफपीओ प्रतिनिधियों ने प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, बीज-उर्वरक उपलब्धता, बैंकिंग सहयोग और विपणन सुविधा से जुड़े मुद्दे रखे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि विभागीय योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर एफपीओ तक पहुंचाया जाएगा।

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