कूड़े के पहाड़ में लगी भीषण आग: दमकल ने पाया काबू
जहरीले धुएं से कस्बा भरथना का घुटा दम

भरथना,इटावा। भरथना में नगर पालिका की कथित लापरवाही एक बार फिर उस समय चर्चा का विषय बन गई जब रतन दास राइस मिल के परिसर में जमा कूड़े के विशाल ढेर में भीषण आग लग गई। आग लगते ही आसमान में दुर्गंध भरे काले धुएं का गुबार छा गया और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। उक्त दम घुटने वाले जहरीले धुएं के कारण लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया,जबकि बच्चे,बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के कुछ ही देर बाद कूड़े का पूरा पहाड़ धधकने लगा। धुएं का गुबार कई किलो मीटर दूर तक दिखाई दिया। सूचना मिलने पर सपा युवा नेता अरबाज ने भरथना पुलिस और दमकल विभाग को अग्नि कांड की समस्या से तत्काल अवगत कराया, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगो ने बताया कि नगर पालिका द्वारा लंबे समय से आबादी वाले क्षेत्र के पास पूरे नगर का कूड़ा डंप किया जा रहा है। आंधी-तूफान के दौरान कचरा उड़कर घरों तक पहुंच जाता है और पूरे दिन दुर्गंध का माहौल बना रहता है। उनका कहना है कि गंदगी और प्रदूषण के कारण गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है तथा सबसे ज्यादा दिक्कत छोटे बच्चों,गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद नगर पालिका ने डंपिंग स्थल को आबादी से दूर स्थानांतरित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। आग की घटना के बाद लोगों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कूड़े के ढेर में लगी आग ने एक बार फिर नगर की सफाई व्यवस्था,कचरा प्रबंधन और जनस्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर नगर पालिका की तैयारियों की पोल खोल दी है। वहीं घटना के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी लोगों के आक्रोश को और बढ़ा रही है।
नगर पालिका द्वारा आबादी के बीच लगातार कूड़ा डाला जा रहा है। इससे पूरे इलाके में दिनभर दुर्गंध फैली रहती है और लोगों का जीना दूभर हो गया है। कूड़े में आग लगने से निकले जहरीले धुएं ने बच्चों,बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं की परेशानी और बढ़ा दी है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।



