प्रभु श्री कृष्ण एवं मां भगवती रुक्मणी विवाह एक संयोग नहीं अपितु लीला है- दिनेशानंद मृदुल महाराज

सुल्तानपुर:- सनातन धर्म सेवा संस्थान के तत्वाधान में बघराजपुर में हो रही श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन 31 दिसंबर बुधवार को व्यास पीठ पर विराजमान श्री धाम वृंदावन से पधारे अंतरराष्ट्रीय कथा प्रवक्ता भागवताचार्य दिनेशानंद मृदुल महाराज जी ने भगवान श्री कृष्ण एवं रुक्मणि विवाह के रहस्य को उद्घाटित किया, उन्होंने भगवान के सोलह हजार एक सौ आठ विवाह के संदर्भ में विस्तार से बताया,उन्होंने कहा यह विवाह भक्ति,ज्ञान,वैराग्य,त्याग,तपस्या,बलिदान का दिव्य दर्शन है।

भगवान श्री कृष्ण और रुक्मणी के विवाह का रहस्य श्रवण कर कथा रसिक जन भाव विभोर हुए और कथा पंडाल जय घोष से गूंजायमान हो गया और इसके साथ ही कथा का विश्राम हुआ.आचार्य दुर्गेश शुक्ला,आचार्य गणेश तिवारी,महिला व्यापार मंडल से कमलेश वर्मा,कंचन कसौधन,पूनम गुप्ता,मथुरा अग्रहरि आदि का कथा आयोजन में विशेष सहयोग रहा।

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