सबसे बड़ा घोटाला! 1800 करोड़ की सरकारी ज़मीन 300 करोड़ में, वो भी 500 के स्टाम्प पेपर पर
land controversy: महाराष्ट्र में डेढ़ हजार करोड़ से अधिक के भूमि घोटाले ने राजनीति में भूचाल ला दिया है। पार्थ पवार और अजित पवार के खिलाफ आरोप, विपक्ष की बढ़ती मांग, और फडणवीस सरकार की भूमिका पर चर्चा।
land controversy: डेढ़ हजार करोड़ से अधिक के जमीन घोटाले ने महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल ला दिया है। घपले-घोटाले का खुलासा होने और विपक्ष के निशाने पर आने से सत्ता पक्ष की बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। महाराष्ट्र से नई दिल्ली तक राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। देवेंद्र फडणवीस सरकार में डिप्टी सीएम अजित पवार के बेटे पार्थ पवार को बचाने की हर संभव कोशिश चल रही है। महाराष्ट्र में पवार परिवार का अपना अलग रसूख है। शरद पवार व अजित पवार के बाद अब तीसरी पीढ़ी के युवा पार्थ पवार देशभर में सुर्खियों में हैं।
तीन सौ करोड़ में कर दिया 1800 करोड़ का सौदा
अब तक की जांच के मुताबिक अट्ठारह सौ करोड़ की सरकारी भूमि का सौदा सिर्फ तीन सौ करोड़ में कर दिया गया। वह भी पांच सौ रुपए के स्टाम्प पेपर पर। पोल खुलने पर यह लैंड डील आनन-फानन में कैंसिल कर दी गई। जमीन की खरीद जिस निजी कंपनी ने की, वह अजित पवार के बेटे पार्थ पवार की है। कंपनी में पार्थ की 99 प्रतिशत हिस्सेदारी होने के बावजूद एफआईआर में उनके नाम का उल्लेख न होना चर्चाओं में है। विपक्ष का आरोप है कि डिप्टी सीएम के बेटे को बचाने का प्रयास हो रहा है।
इस मामले ने न सिर्फ अजित परिवार की छवि को नुकसान पहुंचा है बल्कि उनके खिलाफ राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को एकजुट होने का मौका भी मिल गया है। जानकारों का मानना है कि अजित पवार की कुर्सी पर भी संकट मंडराने लगा है। फडणवीस सरकार में अजित की पार्टी प्रमुख सहयोगी दल है। शरद पवार से मनमुटाव के बाद उन्होंने अपनी राहें अलग कर ली थीं। विपक्ष के निशाने पर आए अजित पवार ने बेटे पार्थ का बचाव किया है। उन्होंने बयान दिया कि पार्थ को मालूम नहीं था कि जमीन सरकारी है। डिप्टी सीएम का यह तर्क बेतुका जान पड़ता है।
मुख्यंत्री पर उठ रहे हैं ये सवाल
महत्वपूर्ण यह कि पार्थ पवार कद्दावर खानदान से ताल्लुक रखने के अलावा एक डिप्टी सीएम के पुत्र हैं। बड़ी लैंड डील करने से पहले क्या उन्होंने जमीन के मालिकाना हक की जानकारी नहीं जुटाई होगी? क्या जमीन की मौजूदा मार्केट वैल्यू के बारे में पार्थ ने जानकारी नहीं की होगी? महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस दावा करते हैं कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि फडणवीस के इस दावे पर अभी से सवाल उठ रहे हैं।
500 और हर साल स्कॉलरशिप, 1997 से चल रही इस सरकारी योजना से हर बेटी को मिल रहा है सीधा फायदा
चूंकि पुलिस में दो एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। किसी भी एफआईआर में जमीन क्रेता कंपनी के मालिक का जिक्र नहीं है। जबकि विक्रेता और तहसील विभाग के अधिकारी सहित कई अन्य पर मामला दर्ज हो चुका है। महाराष्ट्र की सियासत में ठाकरे परिवार और पवार परिवार की चर्चाएं अक्सर होती रहती हैं। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पुत्र आदित्य ठाकरे सियासत में सक्रिय हैं।
मुंबई में काफी समय पहले एक हाईप्रोफाइल मर्डर की गूंज पूरे देश में सुनाई पड़ी थी। इस मामले में आदित्य ठाकरे पर अनेक सवाल उठाए गए थे, मगर बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया। देश में चर्चित राजनीतिज्ञों के परिवार के युवा सदस्य किसी न किसी कारण से विवादों में घिरते रहे हैं। बिहार में लालू यादव के बेटे तेज प्रताप और तेजस्वी यादव अक्सर किसी न किसी पचड़े में फंसे नजर आते हैं। यूपी में सपा के कद्दावर नेता आजम खान के अलावा उनके बेटे पर भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा के सांसद पोते के सैक्स स्कैंडल केस ने देश-दुनिया में सनसनी फैला दी थी।



