खुद को समझते थे नेपाल का मोदी, अब एक वजह के चलते छोड़ा पीएम पद

नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का इस्तीफा: युवा पीढ़ी के उभार और सेना का दबाव

Kp sharma oli resigns: नेपाल में हालिया विरोध प्रदर्शनों और हिंसक घटनाओं ने राजनीतिक आस्थाओं को हिला कर रख दिया है। इस आक्रोश का केंद्र बने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने देश के संकट की स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा एक और राजनीतिक संकट के रूप में सामने आया, जहां सत्ता परिवर्तन का कारण जन आक्रोश और सेना की भूमिका थी।

इस वजह से दिया इस्तीफा (Kp sharma oli resigns)

हालात ने जब गंभीर मोड़ लिया और युवा वर्ग की सशक्त आवाज ने सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज किया, तो केपी शर्मा ओली के पास विकल्प नहीं बचा था। युवा पीढ़ी ने उनके नेतृत्व के खिलाफ सड़कों पर उतरकर भारी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था, जो बाद में हिंसा और बवाल में तब्दील हो गए। विरोध की तेज लहर ने राजनीतिक दबाव को और बढ़ा दिया।

सेना की भूमिका और इस्तीफे की प्रक्रिया (Kp sharma oli resigns)

नेपाल के आर्मी चीफ, जनरल अशोक राज के आदेश ने ओली को इस्तीफा (Kp sharma oli resigns) देने के लिए मजबूर किया। सेना प्रमुख ने ओली से सीधे संपर्क किया और उन्हें सत्ता छोड़ने की सलाह दी। सेना ने स्पष्ट किया कि बिना सत्ता छोड़े, स्थिति पर नियंत्रण पाना मुश्किल होगा। ओली की तरफ से इस पर प्रतिक्रिया आई, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया। सेना के समर्थन से ही ओली को लगा कि अब उनका सरकार में बने रहना असंभव है।

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चार बार प्रधानमंत्री बने ओली का राजनीतिक सफर

खड्ग प्रसाद शर्मा ओली, जिन्हें हम केपी शर्मा ओली के नाम से जानते हैं, नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में चार बार कार्य कर चुके हैं। उनका राजनीतिक सफर लंबा और संघर्षपूर्ण रहा है। उन्होंने पहले 2015 में प्रधानमंत्री का पद संभाला और फिर विभिन्न समयों पर उन्होंने सत्ता संभाली। 2015 से लेकर 2021 तक उनके प्रधानमंत्री बनने के अवसर आए, लेकिन 2025 में उनका यह सफर समाप्त हुआ। ओली खुद को नेपाल का मोदी भी मानते थे।

ओली का संघर्षपूर्ण जीवन

नेता के रूप में ओली का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उनका राजनीतिक जीवन 1966 में शुरू हुआ था और 1970 में उन्होंने नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी जॉइन की थी। कई वर्षों तक उन्होंने नेपाल की राजनीति में अपनी पहचान बनाई और कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। 1994 से 1995 तक वह गृह मंत्री रहे, जबकि 2006 से 2007 तक विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री के पद पर भी कार्य किया।

केपी शर्मा ओली का जीवन राजनीतिक संघर्षों से भरपूर रहा है। उन्होंने 1973 में नेपाल की पंचायती व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष शुरू किया, जिसके चलते उन्हें 14 साल तक जेल में रहना पड़ा। निजी जीवन की बात करें, तो ओली ने अपनी शादी राधिका शाक्य से की, लेकिन उनका कोई संतान नहीं है। उनकी सेहत भी कई बार चर्चा का विषय रही, क्योंकि उन्होंने दो बार किडनी प्रत्यारोपण करवाया था।

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