EU के साथ डील से भारत को बड़े फायदे होंगे, ये सभी आइटम सस्ते होंगे

India EU Deal 2026: भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारतीय उपभोक्ताओं को सस्ते उत्पादों का फायदा मिलेगा। जानें किन किन चीजों के रेट घटेंगे।

India EU Deal 2026: भारत और यूरोपियन यूनियन ने एक प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर फॉर्मल बातचीत पूरी कर ली है। कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने सोमवार को यह जानकारी दी। इस एग्रीमेंट से दोनों देशों के बीच बाइलेटरल ट्रेड बढ़ाने और इकोनॉमिक रिश्ते मजबूत करने में मदद मिलेगी। इस एग्रीमेंट पर इसी साल साइन होने और अगले साल की शुरुआत में लागू होने की संभावना है।

चर्चा सफलतापूर्वक पूरी हुई

कॉमर्स सेक्रेटरी ने कहा कि फॉर्मल बातचीत पूरी हो गई है और दोनों पार्टियां मंगलवार, 27 जनवरी को एग्रीमेंट के सफल होने की घोषणा करने के लिए तैयार हैं। फिलहाल, ड्राफ्ट एग्रीमेंट की लीगल जांच चल रही है। सरकार इस प्रोसेस को जल्दी पूरा करके एग्रीमेंट पर साइन करने की कोशिश कर रही है।

एग्रीमेंट को लागू होने में समय क्यों लगेगा?

एग्रीमेंट के लिए यूरोपियन पार्लियामेंट की मंजूरी चाहिए, वहीं भारत में इसके लिए सिर्फ यूनियन कैबिनेट की सहमति चाहिए। इसलिए, इसे लागू करने में कुछ समय लग सकता है। 18 साल की लंबी बातचीत के बाद यह एग्रीमेंट अपने आखिरी स्टेज पर पहुंच गया है। बातचीत 2007 में शुरू हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 जनवरी को यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा के साथ एक समिट में इसकी ऑफिशियल घोषणा करेंगे।

भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच ट्रेड

यूरोपियन यूनियन भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में दोनों देशों के बीच US$ 136.53 बिलियन का बाइलेटरल ट्रेड हुआ। इसमें से भारत का एक्सपोर्ट US$ 75.85 बिलियन और इंपोर्ट US$ 60.68 बिलियन था। साथ ही, अप्रैल 2000 से सितंबर 2024 तक, यूरोपियन यूनियन ने भारत में US$ 117.4 बिलियन का फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट किया है।

लग्ज़री कारें सस्ती हो जाएंगी

इस एग्रीमेंट से फॉक्सवैगन, ऑडी, मर्सिडीज-बेंज और BMW जैसी यूरोपियन कारें भारतीय मार्केट में सस्ती कीमतों पर मिलेंगी। एग्रीमेंट के तहत, लग्ज़री कारों के इम्पोर्ट के लिए एक सालाना कोटा तय किया जाएगा, जिससे इन कारों को कम इम्पोर्ट ड्यूटी पर भारत लाया जा सकेगा। पहले फेज़ में, 15 हज़ार यूरो (लगभग 16.3 लाख रुपये) से ज़्यादा कीमत की कुछ कारों को कम ड्यूटी पर इम्पोर्ट करने की इजाज़त दी जाएगी।

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शराब, हीरे और चॉकलेट की कीमतें कम होंगी

एग्रीमेंट के बाद यूरोप से आने वाली वाइन, स्कॉच व्हिस्की, वोदका और जिन जैसी शराब पर इम्पोर्ट ड्यूटी कम हो जाएगी, जिससे उनकी कीमतें कम हो जाएंगी। इसके साथ साथ बेल्जियम से आने वाले रफ डायमंड सस्ते हो जाएंगे, जिससे भारतीय डायमंड मार्केट को फायदा होगा। इस एग्रीमेंट का स्विट्जरलैंड, लक्जमबर्ग और नीदरलैंड से भारत आने वाली चॉकलेट की कीमतों पर भी अच्छा असर पड़ेगा।

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