लम्भुआ में ग्यारहवीं शरीफ, गौस पाक अब्दुल कादिर जिलानी की याद में उमड़ा अकीदत मंदो का सैलाब

सुल्तानपुर। लम्भुआ नगर पंचायत में शनिवार को ग्यारहवीं शरीफ का भव्य और शांतिपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें आसपास के गाँवों और नगर से बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम हाजी मोहम्मद इमाम अली जूनियर हाईस्कूल के प्रांगण में आयोजित किया गया था, जहाँ गौस पाक की करामातों और शिक्षाओं को याद करते हुए विशेष आयोजन किए गए।
कार्यक्रम की शुरूआत जुलूस गौसिया से हुई, जो जामा मस्जिद गौसिया से निकलकर नगर पंचायत के प्रमुख मार्गों से होकर स्कूल तक पहुँचा। रास्ते में अकीदत मंदों ने “ग्यारहवीं शरीफ जिंदाबाद” और “गौस पाक जिंदाबाद” के नारे लगाकर पूरे नगर में धार्मिक उत्सव का माहौल बना दिया। जुलूस के दौरान महिलाएं और पुरुष दोनों ही श्रद्धा और भक्ति के भाव से शामिल थे। स्कूल के प्रांगण में अकीदतमंदों के लिए विशेष मंच सजाया गया था।
कार्यक्रम की शुरुआत मनकबत और नाते पाक से हुई, जिसे अंजुमनों के प्रतिभागियों ने बेहद खूबसूरती से पेश किया। उनके कलाम ने उपस्थित लोगों के दिलों को छू लिया और सभी को आध्यात्मिक अनुभव से भर दिया। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को आयोजकों द्वारा इनाम देकर सम्मानित भी किया गया।कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित उलेमा और इस्लामी विद्वान मौजूद रहे। इनमें काजीए शरा मौलाना महमूद रज़वी, मुफ्ती अकील अहमद मिस्बाही रौनाही और मकबूल अहमद नूरी शामिल रहे । उन्होंने गौस पाक की शिक्षाओं और करामातों के माध्यम से समाज में भाईचारा, सच्चाई और धार्मिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
उनकी बातें अकीदत मंदों के लिए मार्गदर्शन का काम कर रही थीं।ग्यारहवीं शरीफ का यह आयोजन न केवल गौस पाक से मोहब्बत और अकीदत रखने वालों को आध्यात्मिक ऊर्जा देता है, बल्कि समाज में एकता, भाईचारा और धार्मिक चेतना को भी बढ़ावा देता है।
उपस्थित लोगों ने इस अवसर को यादगार बनाने के लिए पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया।
अकीदत मंदों का यह संगम यह दिखाता है कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में शांति, भाईचारा और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूती मिलती है। लंभुवा नगर पंचायत का यह ग्यारहवीं शरीफ आयोजन एक उदाहरण है कि कैसे धर्म और आध्यात्मिकता के जरिए लोगों को एक साथ जोड़ा जा सकता।
इस मौके पर नगर पंचायत लंभुआ के कई प्रमुख लोग और मुख्य आयोजक गुलाम दस्तगीर कादरी, हाजी जाहिद हुसैन फारुकी, खुर्शीद अहमद फारूकी, लल्लन भाई, सुशील बरनवाल, वाजिद हुसैन फारूकी, वहाबुद्दीन भाई, मोहम्मद इसराइल प्रधान, सलमान भाई,समीर अहमद सब्बाग,सलीम अंसारी, हारून भाई, हाजी सगीर अहमद, असगर अली फारूकी, महफूज़ आलम,उस्मान इदरीसी, अनस रजा और इरफान फारूकी, मो.समीम राईन, फारूक अहमद सब्बाग, अमीन फारूकी सहित अन्य प्रतिष्ठित लोग भी इस कार्यक्रम मौजूद रहे। आयोजक गुलाम दस्तगीर कादरी ने सभी आए हुए हजरात का तहे ए दिल से खैरमखदम किया।



