विधिक अधिकारों और सरकारी योजनाओं की मिली जानकारी

जसवंतनगर, इटावा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मिडिल स्कूल में वृद्धजनों के बीच एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नालसा की योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
शिविर के संयोजक पीएलवी अधिकार मित्र ऋषभ पाठक ने विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक न्याय और सहायता पहुँचाना है, विशेषकर उन लोगों तक जो आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर हैं। उन्होंने कहा कि वृद्ध जनों के अधिकारों की रक्षा के लिए कई योजनाएं संचालित हैं,जिनमें वरिष्ठ नागरिक अधिनियम, 2007, निःशुल्क विधिक सहायता, पेंशन योजनाएं और चिकित्सा सुविधा योजनाएं प्रमुख हैं।
उन्होंने बताया कि नालसा हेल्पलाइन 15100 पर कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति तत्काल विधिक सहायता प्राप्त कर सकता है। उनका कहना था कि हर व्यक्ति को अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए ताकि कोई भी न्याय और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए।
समाजसेवी प्रेम कुमार शाक्य ने कहा कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य उन बच्चों को संरक्षण और सहायता प्रदान करना है जिनके माता-पिता की मृत्यु कोविड-19 महामारी या अन्य कारणों से हो गई ह।
इस योजना के तहत ऐसे अनाथ या असहाय बच्चों को नियमित आर्थिक सहायता,शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधा,साथ ही बाल संरक्षण विभाग की निगरानी में देखभाल और पुनर्वास की व्यवस्था दी जाती है। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण केवल न्याय दिलाने का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता फैलाने का एक सशक्त मंच भी है। हमारा प्रयास है कि हर ग्राम और हर नागरिक विधिक रूप से सशक्त बने। कार्यक्रम में पीएलवी राजेंद्र यादव एवं लालमन बाथम प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।



