वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में गुणवत्तापूर्ण लेखन ही उच्च शिक्षा की आधारशिला है- डॉ. बृजेश कुमार सिंह

सुल्तानपुर। राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग द्वारा एम.ए. के छात्र-छात्राओं के लिए “समाजशास्त्र के क्षेत्र में प्रोजेक्ट एवं असाइनमेंट लेखन का शैक्षणिक महत्त्व” विषय पर एक दिवसीय विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में गुणवत्तापूर्ण लेखन ही उच्च शिक्षा की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे प्रोजेक्ट और असाइनमेंट को औपचारिकता न समझकर ज्ञानार्जन का माध्यम बनाएं, क्योंकि यही अभ्यास उन्हें एक सफल शोधार्थी के रूप में विकसित करता है।
मुख्य वक्ता डॉ. अखिलेश सिंह ने कहा कि प्रोजेक्ट एवं असाइनमेंट लेखन विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता, तार्किक सोच और शोध प्रवृत्ति को विकसित करता है। उन्होंने शोध प्रविधि, प्राथमिक व द्वितीयक डेटा संकलन, संदर्भ ग्रंथ सूची तथा शुद्ध लेखन शैली की महत्ता पर प्रकाश डाला। विशिष्ट वक्ता डॉ. बृजेश सिंह ने अपने विचारों में जोड़ते हुए कहा कि प्रोजेक्ट और असाइनमेंट न केवल अकादमिक अभ्यास हैं, बल्कि ये विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास को भी सुदृढ़ करते हैं।
उन्होंने कहा कि नियमित लेखन अभ्यास विद्यार्थियों को NET/JRF जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के लिए तैयार करने में अत्यंत सहायक होता है। कार्यक्रम का संचालन एवं विषय प्रवर्तन डॉ. विरेन्द्र कुमार गुप्ता ने किया। उन्होंने प्रोजेक्ट लेखन को सामाजिक यथार्थ के वैज्ञानिक एवं वस्तुनिष्ठ विश्लेषण की प्रक्रिया बताते हुए विषय की प्रासंगिकता स्पष्ट की।
संवाद सत्र में अक्षत शुक्ला ,हुजैफा खान ,शिवानी मोदनवाल , महिमा सिंह ,ज्योती कनौजिया ,सिद्धार्थ पाठक,गौरव सिंह विभू तिवारी ने शोध प्रारूप, डेटा विश्लेषण एवं संदर्भ लेखन से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका समाधान वक्ताओं ने विस्तार से किया। अंत में डॉ. शालिनी सिंह ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रोजेक्ट लेखन समाज के अदृश्य पहलुओं को उजागर करने का सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम प्रेरणादायक एवं शैक्षणिक दृष्टि से अत्यंत सफल रहा।



