गुरु पूर्णिमा: ब्रह्माणी मंदिर पर उमड़ा आस्था का सैलाब
बारिश के बावजूद हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

जसवंतनगर,इटावा। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर क्षेत्र से गुजरने वाली यमुना नदी की तलहटी में स्थित प्राचीन सिद्धपीठ ब्रह्माणी देवी मंदिर में बुधवार तड़के मंगला आरती के साथ ही आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह साढ़े चार बजे आरती के बाद श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया। दिनभर श्रद्धालु कतारबद्ध होकर माता ब्रह्माणी के दर्शन करते रहे और परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं मंगलकामना के लिए पूजा-अर्चना की।
गुरु पूर्णिमा पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले पांच दिवसीय लख्खी मेले में इस बार बारिश का असर साफ दिखाई दिया। सुबह से रुक-रुक कर हो रही बूंदाबांदी के चलते मंदिर पर चढ़ाए जाने वाले झंडों और नेजों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में कम रही। वहीं, मेले में लगने वाली अस्थायी दुकानों की संख्या भी अपेक्षाकृत कम नजर आई। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था पर मौसम का कोई प्रभाव नहीं पड़ा और पूरे दिन दर्शन-पूजन का क्रम जारी रहा।
मंदिर के पुजारी भोले मिश्रा ने बताया कि बारिश के कारण झंडे कम चढ़े, लेकिन सुबह से शाम तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा के दिन ब्रह्माणी देवी के दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है और इस दिन मां के दरबार में मत्था टेकने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
मेले को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। थानाध्यक्ष आलोक कुमार पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ पूरे समय मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में मुस्तैद रहे। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहने से श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में दर्शन किए। धार्मिक विद्वानों के अनुसार गुरु पूर्णिमा पर ब्रह्माणी देवी के दर्शन एवं मेले में सहभागिता अत्यंत शुभ और पुण्यदायी मानी जाती है। दिनभर मंदिर परिसर माता के जयकारों और भक्ति रस से सराबोर रहा।


