अखिलेश या योगी; गोरखपुर में किसका पलड़ा भारी, इन 9 सीटों के सर्वे ने बढ़ाई सियासी हलचल

Gorakhpur Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो चुकी है और पूर्वांचल के सबसे अहम सियासी गढ़ गोरखपुर को लेकर एक नया चुनावी सर्वे सामने आया है।

न्यूज लीडर और मैटराइज के ताजा सर्वे के मुताबिक, गोरखपुर जिले की सभी 9 विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पक्ष में जीत का स्पष्ट अनुमान जताया गया है। इस सर्वे में शहरी इलाकों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं के मिजाज को शामिल किया गया है, जिसके परिणाम सामने आते ही जिले के सियासी गलियारों में भारी हलचल देखने को मिल रही है।

ग्रामीण और तराई अंचलों में बीजेपी को बढ़त का दावा

सर्वेक्षण के आंकड़ों पर नजर डालें तो बांसगांव, चिल्लूपार और चौरी-चौरा विधानसभा सीटों पर मतदाताओं का झुकाव बड़े पैमाने पर बीजेपी की ओर दिखाई दे रहा है। इसके अतिरिक्त खजनी और सहजनवा विधानसभा क्षेत्रों में भी सत्तारूढ़ दल को अपने प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले मजबूत बढ़त मिलने का अनुमान है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन क्षेत्रों में जातीय समीकरणों और विकास योजनाओं के प्रभाव को लेकर सर्वे में यह रुझान दर्ज किया गया है।

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सदर से लेकर पिपराइच तक सभी 9 सीटों का पूरा समीकरण

वहीं शहरी प्रभाव वाली गोरखपुर शहर (सदर) और गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा सीटों पर भी सर्वे के नतीजे पूरी तरह से बीजेपी के पक्ष में जाते दिख रहे हैं। इसके साथ ही कैंपियरगंज और पिपराइच सीटों पर भी भारतीय जनता पार्टी की जीत की प्रबल संभावना जताई गई है। कुल मिलाकर जिले के सभी नौ प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों—बांसगांव, चिल्लूपार, चौरी-चौरा, खजनी, सहजनवा, गोरखपुर ग्रामीण, गोरखपुर शहर, पिपराइच और कैंपियरगंज—में सर्वे के अनुमान एकतरफा भगवा लहर की ओर इशारा कर रहे हैं। हालांकि चुनावी विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि सर्वे केवल जनता के तात्कालिक रुझान का एक अनुमान होते हैं। वास्तविक राजनीतिक तस्वीर और परिणाम मतदान के दिन जनता द्वारा तय किए जाएंगे, इसलिए इन आंकड़ों को अंतिम चुनाव नतीजा नहीं माना जा सकता।

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