अखिलेश के बिना सब सूना, बृजभूषण के बयान के बाद यूपी की सियासत में नया मोड़

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। इंडिया ब्लॉक (INDIA Alliance) के तहत समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बयानबाजियों का दौर तेज हो चुका है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता बृजभूषण शरण सिंह की हालिया टिप्पणी पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है।

अखिलेश यादव ने कहा, “उनके साथ मेरा रिश्ता बहुत अच्छा है और हम सभी उत्तर प्रदेश के विकास और किसानों को समृद्धि के पथ पर अग्रसर करने के लिए एकजुट हैं।” दरअसल, जब मीडिया ने बृजभूषण शरण सिंह से कांग्रेस द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव में 150 सीटें मांगे जाने को लेकर सवाल किया था, तो उन्होंने पहले व्यंग्य करते हुए पूछा, “कौन?” और फिर यह स्पष्ट होते ही कि यह मांग कांग्रेस की है, उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “अखिलेश के बिना सब सूना है।” इस तंज के बाद यूपी के सियासी गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।

कांग्रेस की दो-टूक: 150 से कम सीटों पर नहीं लड़ेंगे चुनाव, अक्टूबर में फाइनल होगा फॉर्मूला

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने गठबंधन के तहत अपनी दावेदारी को बेहद मजबूती से सामने रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा में पार्टी किसी भी हाल में 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी।

क्या 2029 में राहुल गांधी होंगे PM का चेहरा, ममता बनर्जी के जवाब ने चौंकाया

गौतम ने बताया कि कांग्रेस पिछले दो महीनों से जमीनी स्तर पर सीट बंटवारे की पुख्ता रणनीति बनाने में जुटी हुई है और पूरे राज्य में संगठनात्मक समीक्षा के साथ-साथ संभावित उम्मीदवारों की सूची पर काम पूरा कर लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के पास सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ने के लिए मजबूत उम्मीदवार मौजूद हैं, लेकिन गठबंधन धर्म के तहत पार्टी 50 फीसदी हिस्सेदारी की हकदार बनती है। उन्होंने संकेत दिया कि अक्टूबर महीने में सपा और कांग्रेस नेतृत्व के बीच सीट शेयरिंग के अंतिम फॉर्मूले पर मुहर लग सकती है।

Related Articles

Back to top button