चुनाव में मतदान से वंचित रह सकते हैं पात्र मतदाता
इटावा की विधानसभा और पंचायत मतदाता सूची में बड़ा अंतर

इटावा। इटावा जनपद मे पंचायत मतदाता सूची का अन्तिम प्रकाशन होने के बाद कुल 951272 मतदाता सूची में शामिल है जबकि एसआईआर से पूर्व 10,अप्रैल को प्रकाशित विधानसभा मतदाता सूची मे जनपद मे 1050636 मतदाता थे।
पंचायत मतदाता सूची मे केवल ग्रामीण क्षेत्र के मतदाता शामिल होते है जबकि इसमें नगरीय क्षेत्र के मतदाता शामिल नही है जो कि 2023 के नगरीय चुनाव के समय 312651 मतदाता थे! दो माह मे दो प्रकार की मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद लाखों का अंतर हो गया है, जबकि मतदाता एक ही है तव यह विसंगति होना पूरी प्रक्रिया पर प्रश्न वाचक चिन्ह है?
इटावा जनपद के आठ ब्लॉक मे एसआई आर के बाद विधानसभा सूची मे 822660 मतदाता थे लेकिन पंचायत मतदाता सूची मे आठ ब्लॉक मे 951272 मतदाता है, जिसमे 128612 मतो का अंतर है जबकि इसमें 6 नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत 2023 के चुनाव के अनुसार 312651 मतदाता शामिल नही है वर्तमान मे एसआई आर के बाद नगर पालिका व नगर पंचायत क्षेत्र मे विधानसभा मतदाता सूची मे 229551 मतदाता है
जनपद मे एसआईआर के बाद जसवंतनगर विधानसभा मे 351508 मतदाता,इटावा विधानसभा मे 337459 मतदाता,भरथना विधानसभा मे 361669 मतदाता है विधानसभा क्षेत्र मे शामिल ब्लाकों मे एसआईआर और पंचायत मतदाता सूची का अवलोकन किया जाये तब दोनों सूची मे बड़ा अंतर है जबकि सभी मतदाताओ से सभी दस्तावेज प्राप्त कर उन्हें मतदाता बनाया गया था।
जनपद के ब्लॉक महेवा मे एसआईआर के बाद विधानसभा मतदाता सूची मे 153901 मतदाता के सापेक्ष पंचायत मतदाता सूची मे 167414 मतदाता, ब्लॉक भरथना मे एसआईआर के बाद 111966 के सापेक्ष पंचायत सूची मे 123572 मतदाता,ब्लॉक चकरनगर मे 56374 के सापेक्ष 66218 मतदाता,ब्लॉक बदपुरा मे 102125 के सापेक्ष 130712 मतदाता, ब्लॉक बसरेहर मे 116770 के सापेक्ष 139399 मतदाता,ब्लॉक ताखा मे 89066 के सापेक्ष 102583 मतदाता,ब्लॉक सैफई मे 78647 के सापेक्ष 102583 मतदाता ब्लॉक जसवंतनगर मे एसआईआर के बाद 113811 के सापेक्ष पंचायत मतदाता सूची मे 130843 मतदाता अंतिम सूची मे है।विधानसभा मतदाता सूची और पंचायत मतदाता सूची मे बड़े अंतर को लेकर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता इटावा एसआईआर प्रभारी उदयभान सिंह यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब मतदाता एक ही है लेकिन एस आई आर होने के दो माह बाद जब पंचायत मतदाता सूची आती है तब उसमें लाखों मतदाता का अंतर आता है तब इस बात से इंकार नही किया जा सकता है कि पात्र मतदाता को विधानसभा मतदाता सूची से वंचित रखने की बड़ी साजिस है।
क्योंकि ये कैसे हो सकता है जब लगभग छ माह एसआईआर अभियान चलने के बाद जनपद के आठ ब्लॉक मे विधानसभा मतदाता सूची मे 822660 है लेकिन जब कई बार अभियान की तारीख बदलने के बाद पंचायत मतदाता सूची जारी की जाती है तब आठ ब्लॉक मे 951272 मतदाता है इनमे जो 128612 मतदाता का बड़ा अंतर है इसकी शिकायत निर्वाचन आयोग से की जायेगी की पात्र मतदाताओं पंचायत मतदाता सूची के सापेक्ष विधानसभा मतदाता सूची से वंचित बनाये रखने की बड़ी साजिस है।



