नाला बना जनस्वास्थ्य के लिए खतरा, जल निकास न होने से बढ़ी बीमारियाँ

मऊ। जनपद मऊ के हैदर नगर क्षेत्र में नगरपालिका द्वारा बनाए गए नाले का गंदा पानी बिना किसी प्राकृतिक निकास या सुरक्षित ड्रेनेज सिस्टम के खुले स्थान पर छोड़ा जा रहा है। इससे क्षेत्र में लगातार जलजमाव की स्थिति बनी हुई है, जो अब गंभीर जनस्वास्थ्य संकट का रूप लेती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस जलजमाव के कारण डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और त्वचा रोग जैसी संक्रामक बीमारियाँ तेजी से फैल रही हैं।
नागरिकों का कहना है कि यह स्थिति जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 का स्पष्ट उल्लंघन है, इसके बावजूद नगरपालिका द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। नालों की नियमित सफाई न होने से गंदगी सड़ रही है, बदबू फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में बीमारी का खतरा ज्यादा हो गया है।
हैदर नगर में कराया गया नाला निर्माण कार्य भी सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाला निर्माण अत्यंत घटिया और अवैज्ञानिक तरीके से किया गया है। कई स्थानों पर नाले में धंसान, टूट-फूट और असमान जॉइंट दिखाई दे रहे हैं, जिससे राहगीरों के घायल होने की घटनाएँ भी सामने आ चुकी हैं। नाले को आगे तक नहीं बढ़ाया गया, जिससे पानी का निकास पूरी तरह बाधित है और समस्या और गंभीर हो गई है।
इसके साथ ही क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर भी भारी अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं। कागजों में लाइटें लगी दिखा दी गई हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कई जगह लाइटें लगी ही नहीं हैं या लंबे समय से खराब पड़ी हैं। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नाले के पानी के लिए तुरंत स्थायी व वैध निकास की व्यवस्था कराई जाए तथा नाला निर्माण, सफाई व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट कार्यों की उच्चस्तरीय तकनीकी एवं वित्तीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि 30 दिनों के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे शांतिपूर्ण जन आंदोलन करने को मजबूर होंगे।



