हिट लिस्ट में सबसे ऊपर! ईरान की धमकियों के बाद ट्रंप ने रातों-रात क्यों बदला अपना विमान

Donald Trump plane swap: विश्व के सबसे शक्तिशाली नेता की सुरक्षा किस तरह पल-पल की धमकियों के आधार पर बदलती है इसका एक अनोखा उदाहरण हाल ही में देखने को मिला. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तुर्किये से ब्रिटेन यात्रा के दौरान अपनाई गई गुप्त रणनीति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वीआईपी सुरक्षा तंत्र की मुस्तैदी को रेखांकित किया है. ईरान की ओर से मिल रही गंभीर धमकियों के बीच सीक्रेट सर्विस ने जिस तरह से राष्ट्रपति का विमान बदला उसने सुरक्षा विश्लेषकों का ध्यान आकर्षित किया है.

कैटरिंग वैन और गुप्त विमान: सीक्रेट सर्विस का अनोखा तरीका

इस पूरी यात्रा के दौरान साथ चल रहे पत्रकारों और वरिष्ठ अधिकारियों तक को भनक नहीं लगने दी गई. तुर्किये के हवाई अड्डे पर ट्रंप पहले सार्वजनिक रूप से और कैमरों की मौजूदगी में अपने आधिकारिक विमान एयरफोर्स वन में सवार हुए. इसके तुरंत बाद उन्हें बेहद गोपनीय तरीके से एक कैटरिंग वैन के जरिए एक छोटे सैन्य विमान C-32A में ले जाया गया. ब्रिटेन पहुंचने पर वह दोबारा पुराने एयरफोर्स वन से बाहर आते दिखाई दिए. इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित हवाई हमले या खतरे को पूरी तरह से निष्प्रभावी बनाना था.

ट्रंप का बयान: मैं सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करता हूं

इस हाई-प्रोफाइल सुरक्षा बदलाव पर खुद डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि सीक्रेट सर्विस और अमेरिकी सेना जो भी सुरक्षा प्रोटोकॉल तय करती है वह उसका पूरी तरह पालन करते हैं. ट्रंप ने स्वीकार किया कि उन्हें लगातार गंभीर धमकियां मिलती रहती हैं और वह विरोधियों की हिट लिस्ट में सबसे ऊपर हैं. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा कि इस तरह के सुरक्षा उपाय राष्ट्रपति के साथ-साथ उनके साथ यात्रा करने वाले पूरे अमले की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं.

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इतिहास में पहले भी अपनाई जा चुकी हैं ऐसी रणनीतियां

वैश्विक कूटनीति और वीआईपी सुरक्षा के इतिहास में यह कोई पहली घटना नहीं है. वर्ष 2000 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने जब भारत यात्रा के दौरान पाकिस्तान में कुछ समय के लिए ठहराव किया था तब उन्होंने भी एयरफोर्स वन को छोड़कर एक बिना पहचान वाले गल्फस्ट्रीम विमान से सफर किया था. सीक्रेट सर्विस समय-समय पर खतरे के आकलन के आधार पर ऐसे लीक से हटकर कदम उठाती रही है ताकि दुश्मन को चकमा दिया जा सके.

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