Delhi car blast: कार के अंदर किसकी लाश? अब तक के सबसे बड़े 5 खुलासे
Delhi car blast: दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण विस्फोट में 12 लोगों की मौत, जांच एजेंसियाँ आतंकी हमले की संभावना पर काम कर रही हैं।
Delhi car blast: देश की राजधानी दिल्ली का दिल कहे जाने वाले लाल किले के करीब सोमवार की शाम हुए भीषण विस्फोट ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस भयानक घटना में 12 मासूम लोगों की जान चली गई और अब जाँच एजेंसियाँ युद्धस्तर पर इस मामले की परतों को खोलने में जुटी हैं। घटनास्थल लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक हुंडई आई20 कार में यह शक्तिशाली विस्फोट हुआ था।
विस्फोटक मिश्रण और शुरुआती सुराग
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शुरुआती फोरेंसिक जाँच में विस्फोट में इस्तेमाल किए गए खतरनाक तत्वों का पता चला है। ऐसा लगता है कि हमलावरों ने अमोनियम नाइट्रेट, ईंधन तेल और एक डेटोनेटर का इस्तेमाल किया। ये मिश्रण, जिसे आमतौर पर एएनएफओ (ANFO) कहा जाता है, अपनी भयंकर विस्फोटक क्षमता के लिए कुख्यात है जब इसे डेटोनेटर से सक्रिय किया जाता है। दिल्ली पुलिस, एफएसएल और अन्य जाँच एजेंसियों की टीमें अभी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं और विस्फोट के केंद्र उस आई20 कार की बारीकी से जांच कर रही हैं।
आतंकी एंगल और संदिग्ध ‘फिदायीन’ हमला
जाँच से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों ने एक बहुत ही गंभीर संदेह जताया है। एजेंसियों को पूरा यकीन है कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आतंकी हमला था। आशंका है कि यह हमला ‘फिदायीन’ (आत्मघाती) प्रकृति का हो सकता है।
इस बीच, एक महत्वपूर्ण कामयाबी मिली है। कार के मालिक, जिसकी पहचान तारिक के रूप में हुई है, उसको कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर के पुलवामा से हिरासत में लिया गया है। हालाँकि, पुलिस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर हमले की प्रकृति पर कोई बयान नहीं दिया है क्योंकि पिछले 12 घंटों से सुरक्षा एजेंसियाँ हर पहलू पर बारीकी से नज़र रख रही हैं। सूत्रों का दावा है कि जाँचकर्ताओं को कई बेहद अहम सुराग हाथ लगे हैं और वे सक्रिय रूप से इन कड़ियों को जोड़ रहे हैं।
फरीदाबाद मॉड्यूल की छाया
जाँच की दिशा अब एक संभावित फरीदाबाद स्थित आतंकी मॉड्यूल की ओर इशारा कर रही है। एजेंसियों को संदेह है कि विस्फोटक सामग्री को जानबूझकर कार के भीतर रखा गया था और समय आने पर विस्फोटित किया गया।
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सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि विस्फोट के समय उस आई20 कार में एक फरार आतंकी संदिग्ध डॉ. उमर मोहम्मद मौजूद हो सकता था। उमर मोहम्मद को फरीदाबाद मॉड्यूल का एक प्रमुख सदस्य माना जाता है और वह पिछले कई महीनों से फरार चल रहा था। पुलिस अब इस बात की पुष्टि के लिए डीएनए परीक्षण कराने की तैयारी कर रही है कि कार में मिला शव वास्तव में उमर का ही है या नहीं। प्रारंभिक जाँच के अनुसार, यह आई20 कार हरियाणा से बदरपुर के रास्ते दिल्ली में दाखिल हुई थी।
घटना का विवरण और सुरक्षा घेरा
यह दुखद घटना सोमवार की शाम एक व्यस्त समय में हुई थी। लाल किले के पास यह इलाका पुरानी दिल्ली में सबसे भीड़भाड़ वाले स्थानों में से एक है और विस्फोट के समय ने जाँच की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। इस विस्फोट में लगभग 11 लोगों की तत्काल मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। विस्फोट इतना भीषण था कि आग आसपास के कई वाहनों में भी फैल गई, जिससे भारी नुकसान हुआ। घायलों को तत्काल इलाज के लिए एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया।
विस्फोट के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के कमांडो और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीमें मौके पर पहुँचीं। उन्होंने तुरंत पूरे इलाके को सील कर दिया। अब सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया जा सके और इस घिनौने कृत्य में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। अंतिम फोरेंसिक रिपोर्ट का अभी भी इंतज़ार है।



