एक्सीडेंट के शिकार लोगों को 1.5 लाख रुपये तक का फ्री इलाज, सरकार ला रही है नई स्कीम

Cashless Treatment Scheme: केंद्रीय सड़क परिवहन और हाईवे मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि केंद्र सरकार देश में बढ़ते सड़क हादसों को कंट्रोल करने के लिए व्हीकल टू व्हीकल (V2V) कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी लाने की तैयारी कर रही है। इस मॉडर्न टेक्नोलॉजी से गाड़ियां एक-दूसरे से सीधे बातचीत कर पाएंगी और एक्सीडेंट होने से पहले ड्राइवरों को खतरे की चेतावनी मिल जाएगी।

V2V टेक्नोलॉजी कैसे काम करेगी?

V2V (व्हीकल-टू-व्हीकल) कम्युनिकेशन सिस्टम ड्राइवरों को आस-पास की गाड़ियों की स्पीड, लोकेशन, ब्रेकिंग, अचानक आने वाली रुकावटों या ब्लाइंड स्पॉट के बारे में रियल-टाइम अलर्ट देगा। इससे ड्राइवर समय पर सही फैसले ले पाएंगे और एक्सीडेंट की संभावना बहुत कम हो जाएगी। इस मकसद के लिए, डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशन्स के साथ एक जॉइंट टास्क फोर्स बनाई गई है और V2V कम्युनिकेशन के लिए 5.875 और 5.905 GHz के बीच 30 MHz स्पेक्ट्रम को मंज़ूरी दी गई है।

एक्सीडेंट के शिकार लोगों के लिए कैशलेस इलाज स्कीम

गडकरी ने इस मौके पर एक और ज़रूरी घोषणा की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों के लिए कैशलेस मेडिकल इलाज स्कीम शुरू करेंगे। इस स्कीम के तहत एक्सीडेंट के शिकार लोगों को कम से कम सात दिनों तक 1.5 लाख रुपये तक का मुफ़्त इलाज मिलेगा।

‘राहवीर’ स्कीम में मदद करने वालों का सम्मान

सरकार सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को आनन फानन अस्पताल पहुंचाने वाले किसी भी मददगार को 25,000 रुपये का इनाम देगी। ऐसे मददगारों को ‘राहवीर’ कहा जाएगा। ये स्कीम उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ समेत कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सफलतापूर्वक लागू की गई है।

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वहीं गडकरी ने कहा कि देश में हर साल लगभग 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें लगभग 1.8 लाख लोगों की मौत हो जाती है। इनमें से करीब 66 परसेंट मौतें 18 से 34 साल के युवाओं की होती हैं।

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