Basant Panchmi 2026 पर विवाह का मुहूर्त क्यों नहीं है, जानें वजह

Basant Panchmi का पर्व 23 जनवरी, 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन व्रत रखा जाता है और देवी सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। विवाह, मुंडन और गृहप्रवेश जैसे शुभ अनुष्ठान इस दिन बिना किसी शुभ मुहूर्त की सलाह लिए किए जा सकते हैं। बसंत पंचमी को अभूझ मुहूर्त के नाम से भी जाना जाता है। मगर 2026 में बसंत पंचमी पर शादियां नहीं होंगी। आईये जानते हैं क्यों?
Basant Panchmi 2026 पर विवाह का मुहूर्त क्यों नहीं है?
बसंत पंचमी पर विवाह करना तभी शुभ माना जाता है जब शुक्र और बृहस्पति दोनों उदय अवस्था में हों। हालांकि, 2026 में बसंत पंचमी पर शुक्र अस्त होगा। शुक्र को वैवाहिक सुख, प्रेम, रोमांस और सौंदर्य का कारक माना जाता है। इसलिए शुक्र के अस्त होने के समय विवाह करना शुभ नहीं माना जाता है। यही कारण है कि 2026 में बसंत पंचमी पर विवाह समारोह आयोजित नहीं किए जाएंगे। शुक्र के अस्त होने के समय विवाह करने से वैवाहिक जीवन में कठिनाइयाँ आ सकती हैं।
शुक्र ग्रह कितने वक्त तक अस्त रहेगा?
शुक्र ग्रह दिसंबर 2025 के दूसरे सप्ताह में अस्त होगा और 1 फरवरी 2026 को उदय होगा। वर्तमान में शुक्र मकर राशि में गोचर कर रहा है और 1 फरवरी को इसी राशि में उदय होगा। इसके बाद विवाह समारोह शुरू होंगे। 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20 और 21 फरवरी विवाह के लिए शुभ माने जाते हैं।
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पंचमी पर ये काम कर सकते हैं विवाहित जोड़े
भले ही इस वर्ष बसंत पंचमी पर कोई विवाह समारोह न हो, शादीशुदा लोगों को विधिपूर्वक देवी सरस्वती की पूजा करनी चाहिए। इस दिन घर पर देवी सरस्वती की पूजा करने से अज्ञान का अंधकार दूर होता है और शुभ फल प्राप्त होते हैं। पीले फूल लाकर देवी सरस्वती को अर्पित करें। पीले रंग के खाद्य पदार्थ और पीले वस्त्र दान करना भी शुभ माना जाता है।


