Asian Games 2026: जानें कैसे जीता मैच हार गईं पीवी सिंधु, भारत की पदक उम्मीदें धराशायी

Asian Games 2026 Badminton: जापान के आइची-नागोया में आयोजित हो रहे एशियाई खेलों से भारतीय खेल प्रेमियों के लिए रविवार का दिन बैडमिंटन कोर्ट से गहरी निराशा लेकर आया।
महिला एकल (Women’s Singles) के क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता स्टार शटलर पीवी सिंधु और युवा सनसनी उन्नति हुड्डा को कड़े और सांस रोक देने वाले संघर्ष के बाद हार का मुंह देखना पड़ा। इसके साथ ही महिला युगल और मिश्रित युगल में भी भारतीय जोड़ियों के बाहर होने से टूर्नामेंट में भारत की पदक उम्मीदें पूरी तरह धराशायी हो गईं।
पहला गेम जीतकर भी चूकीं सिंधु, चेन यू फेई ने पलटा पासा
महिला एकल के बहुप्रतीक्षित क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारतीय दिग्गज पीवी सिंधु का सामना चीन की ओलंपिक चैंपियन चेन यू फेई से हुआ। सिंधु ने मैच का धमाकेदार आगाज करते हुए अपने आक्रामक खेल और बेहतरीन स्मैश के दम पर पहला गेम 21-11 के विशाल अंतर से आसानी से अपनी झोली में डाल लिया। हालांकि, दूसरे गेम में चेन यू फेई ने जबरदस्त जवाबी हमला बोला। दोनों धुरंधरों के बीच हर एक अंक के लिए लंबी रैलियां देखने को मिलीं, लेकिन चीनी खिलाड़ी ने अहम पलों पर धैर्य बनाए रखते हुए 21-18 से दूसरा गेम जीतकर मुकाबला 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया।
निर्णायक तीसरे गेम में चेन यू फेई ने शुरुआत से ही अपनी पकड़ मजबूत कर ली और सिंधु को वापसी का कोई मौका न देते हुए 21-10 से एकतरफा अंदाज में गेम और मैच अपने नाम कर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। सिंधु ने इस टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत की थी; उन्होंने राउंड ऑफ 32 में चीनी ताइपे की चिउ पिन-चियान को सीधे सेटों में 21-19, 21-14 से हराया था और फिर राउंड ऑफ 16 में स्थानीय जापानी दावेदार टोमोका मियाजाकी को 21-9, 21-13 से मात दी थी। एशियाई खेलों में पहले दो पदक जीत चुकीं सिंधु का तीसरा मेडल अपने नाम करने का सपना इस दिल तोड़ने वाली हार के साथ चकनाचूर हो गया।
19 वर्षीय उन्नति हुड्डा ने दुनिया की पूर्व नंबर-1 अकाने यामागुची को छकाया
महिला एकल के एक अन्य रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारत की 19 वर्षीय प्रतिभावान खिलाड़ी उन्नति हुड्डा ने जापान की दिग्गज शटलर अकाने यामागुची के पसीने छुड़ा दिए। दुनिया की शीर्ष खिलाड़ियों में शुमार यामागुची के खिलाफ पहला गेम 16-21 से गंवाने के बाद उन्नति ने गजब का जज्बा दिखाया और दूसरा गेम 21-14 से जीतकर मैच में सनसनीखेज वापसी की। निर्णायक तीसरे सेट में भी दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन जापानी खिलाड़ी ने अपने अपार अनुभव के दम पर अंततः 21-17 से जीत हासिल कर ली।
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क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने के सफर में उन्नति ने अविश्वसनीय खेल दिखाया था। उन्होंने राउंड ऑफ 32 में मलेशिया की लिंग चिंग वोंग को तीन सेटों के मैराथन मुकाबले में 21-14, 20-22, 21-19 से हराया था, जबकि राउंड ऑफ 16 में इंडोनेशिया की मजबूत खिलाड़ी कुसुमा वर्दानी को 21-19, 21-13 से शिकस्त देकर अंतिम-8 का टिकट पक्का किया था।
डबल्स में भी थमा सफर: ट्रीसा-गायत्री और तनीषा-ध्रुव की चुनौती खत्म
एकल मुकाबलों के अलावा युगल वर्गों में भी भारत को लगातार झटके लगे। महिला युगल के क्वार्टर फाइनल में भारत की उभरती जोड़ी ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को मलेशिया की स्टार जोड़ी पर्ली टैन और थिनाह मुरलीथरन के हाथों 18-21, 9-21 से सीधी हार का सामना करना पड़ा। दूसरी तरफ, मिश्रित युगल (Mixed Doubles) के क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी तनीषा क्रैस्टो और ध्रुव कपिला ने चीन के यान जे फेंग और डोंगपिंग हुआंग की जोड़ी को कड़ी टक्कर दी। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम 14-21 से गंवाने के बाद दूसरा गेम 21-18 से जीतकर मैच को रोमांचक बना दिया, लेकिन तीसरे व निर्णायक गेम में चीनी जोड़ी ने 21-18 से बाजी मार ली। इन लगातार हारों के साथ ही एशियाई खेलों के बैडमिंटन कोर्ट से भारतीय दल की विदाई तय हो गई।



