1 अप्रैल से लागू होंगी बजट की सभी घोषणाएं, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर; जानें क्या बदलेगा
April 2026 New Rules: फरवरी खत्म होने में बस कुछ ही दिन बचे हैं और 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स से लेकर पैन कार्ड तक कई फाइनेंशियल नियम बदल जाएंगे। ये बदलाव ‘न्यू इनकम टैक्स एक्ट 2025’ के तहत किए जा रहे हैं।
ये बड़े बदलाव पैन कार्ड, बच्चों की पढ़ाई, नई कार खरीदने और इंश्योरेंस जैसे मामलों में देखने को मिलेंगे। इन नए नियमों का असर सैलरीड क्लास से लेकर इन्वेस्टर, प्रोफेशनल और कंपनियों तक सभी पर पड़ेगा। इन्वेस्टमेंट, TDS और TCS से जुड़े प्रोसेस इन बदलावों से ज़्यादा प्रभावित होंगे।
PAN कार्ड से जुड़े नियमों में छूट
PAN कार्ड के नियमों की बात करें तो अब आम आदमी को कई मामलों में राहत मिलेगी। पहले बैंक या पोस्ट ऑफिस से 50 हजार रुपए से ज़्यादा कैश निकालने या जमा करने पर PAN ज़रूरी था, अब यह लिमिट बढ़ाकर 10 लाख रुपये सालाना कर दी गई है। साथ ही होटल या रेस्टोरेंट के बिल पर PAN देने की लिमिट 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। नई कार खरीदने वालों के लिए भी अच्छी खबर है; अब 5 लाख रुपये तक की कार या बाइक खरीदते समय PAN कार्ड की जानकारी देना ज़रूरी नहीं होगा।
प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने और इंश्योरेंस के नियम
प्रॉपर्टी खरीदने के लेन-देन में PAN कार्ड की ज़रूरी लिमिट 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। इससे छोटे घर खरीदने वालों को फ़ायदा होगा। इसके अलावा, नॉन-रेसिडेंट इंडियंस (NRIs) से प्रॉपर्टी खरीदना और आसान हो गया है, अब खरीदार को TDS काटने के लिए TAN नंबर लेने की ज़रूरत नहीं होगी, वे सिर्फ़ PAN नंबर का इस्तेमाल करके TDS काट सकेंगे। हालांकि, इंश्योरेंस सेक्टर में नियम कड़े कर दिए गए हैं, अब कोई भी इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय PAN कार्ड की जानकारी देना ज़रूरी होगा। इसके साथ ही, मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) से मिलने वाले मुआवज़े पर मिलने वाला ब्याज अब पूरी तरह टैक्स-फ़्री कर दिया गया है।
बच्चों की पढ़ाई और हॉस्टल अलाउंस में बड़ी बढ़ोतरी
सरकार ने बच्चों की पढ़ाई पर टैक्स में छूट काफ़ी बढ़ा दी है। पढ़ाई के लिए मिलने वाले अलाउंस पर अभी मिलने वाला 100 रुपये प्रति महीना का डिडक्शन अब बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति बच्चा (ज़्यादा से ज़्यादा दो बच्चों के लिए) कर दिया जाएगा। साथ ही, हॉस्टल अलाउंस पर मिलने वाला 300 रुपये का डिडक्शन अब बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रति महीना कर दिया जाएगा। ये दोनों छूट पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वालों पर लागू होंगी। इसके अलावा, अब इनकम टैक्स नोटिस मोबाइल ऐप से भेजे जाएंगे और इसमें रिमाइंडर की सुविधा भी होगी। पैन कार्ड को आधार से लिंक न करने पर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं।
शेयर बायबैक और STT में बदलाव
1 अप्रैल, 2026 से शेयर बायबैक के नियम भी बदल जाएंगे। अभी तक बायबैक से मिली रकम पर डिविडेंड के तौर पर टैक्स लगता था, मगर अब इसे ‘कैपिटल गेन’ माना जाएगा। दूसरी ओर, फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रांज़ैक्शन पर सिक्योरिटीज़ ट्रांज़ैक्शन टैक्स बढ़ा दिया गया है। फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर STT 0.02 परसेंट से बढ़ाकर 0.05 परसेंट कर दिया गया है, जबकि ऑप्शन प्रीमियम पर इसे 0.10 परसेंट से बढ़ाकर 0.15 परसेंट कर दिया गया है। इसके पीछे सरकार का मकसद मार्केट में सट्टेबाजी को रोकना और बैलेंस बनाए रखना है।
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ITR फाइल करने की नई डेडलाइन ( Income Tax April 2026 Rule Changes)
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की डेडलाइन में भी एक अहम बदलाव हुआ है। जिन बिज़नेस या ऑर्गनाइज़ेशन के अकाउंट्स का ऑडिट ज़रूरी नहीं है, उन्हें अब अपना रिटर्न फाइल करने के लिए 31 जुलाई के बजाय 31 अगस्त तक एक महीने का एक्स्ट्रा टाइम मिलेगा। यह बदलाव फाइनेंशियल ईयर 2025-26 से लागू होगा। हालांकि, सैलरी पाने वाले लोगों और ITR-1 और ITR-2 फाइल करने वालों के लिए डेडलाइन 31 जुलाई ही रहेगी। ये बदलाव छोटे ट्रांज़ैक्शन को आसान बनाने और बड़े ट्रांज़ैक्शन पर सरकार की निगरानी को मज़बूत करने के लिए किए गए हैं।



