अखिलेश का ‘रहमान डकैत’ अवतार? लखनऊ की सड़कों पर छिड़ा नया सियासी संग्राम

ल्यारी राज बनाम धुरंधर: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। बेशक चुनाव में अभी वक्त है, मगर सत्ता पक्ष और विपक्ष के समर्थक सियासी माहौल गरमाने में जुट गए हैं। राजधानी लखनऊ में अनूठा पोस्टर वार देखने को मिला है। इसके चलते ‘ल्यारी राज’ और ‘धुरंधर’ जैसे फिल्मी शब्दों की खूब चर्चा हो रही है। यूथ अगेंस्ट माफिया की तरफ से सड़कों पर पोस्टर लगाए गए हैं।
पोस्टर के जरिए सवाल पूछा गया है कि आपको क्या चाहिए, ‘अखिलेश का ल्यारी राज’ या ‘धुरंधर सीएम’। पोस्टर में अखिलेश यादव के शासनकाल की घटनाओं का उल्लेख है। वहीं, योगी आदित्यनाथ को धुरंधर सीएम के तौर पर पोस्टर में दिखाया गया है। योगी सरकार में माफिया के खिलाफ एक्शन से संबंधित खबरों को भी पोस्टर में जगह दी गई है।
यूपी चुनाव में जनता से दोनों में एक को चुनने की बात कही गई है। पिछले कुछ समय में सपा द्वारा भाजपा पर कई पोस्टर वार किए गए थे। अब भाजपा की ओर से हमलावर रुख देखने को मिल रहा है। कुछ दिन पहले लखनऊ की सड़कों पर ‘अखिलेश का ल्यारी राज’ पोस्टर चिपकाए गया था। इस पर राजनीति खूब गरमाई। अब नया पोस्टर विवादों में आ गया है।
सपा प्रमुख की तुलना रहमान डकैत से
पोस्टर में अखिलेश यादव को ‘रहमान डकैत’ के रूप में दिखाया गया है। उधर, यूपी में उनके शासनकाल को ‘ल्यारी राज’ के तौर पर पेश किया गया है। इसमें मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली दंगों का जिक्र किया गया है। इन दंगों के दरम्यान अखिलेश यादव सरकार की तरफ से किए गए एक्शन की भी बात कही गई है। बॉलीवुड मूवी धुरंधर ने आजकल बॉक्स ऑफिस पर गर्दा उड़ा रखा है।
मूवी की कमाई नए रिकॉर्ड कायम कर रही है। देश-विदेश में इस मूवी की खासी चर्चा हो रही है। हालांकि पाकिस्तान के पेट में दर्द हो रहा है। वह इस मूवी को प्रोपेगेंडा मूवी करार दे रहा है। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल भावी रणनीति बनाने में मशगूल हो गए हैं। पीएम मोदी ने भी इस राज्य पर फोकस कर रखा है। यूपी में फिलवक्त भाजपा के बाद समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकदल, आम आदमी पार्टी (आप) और एआईएमआईएम आदि दल एकाएक सक्रिय हो चुके हैं।
अगले चुनाव में भाजपा को मात देने के लिए क्या सपा एक बार फिर महागठबंधन का रास्ता अपनाएगी? यह सवाल अभी से विमर्श में है। वैसे बसपा ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। संभावना है कि चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन हो सकता है। उधर, फिल्म धुरंधर में जिस ल्यारी क्षेत्र का जिक्र है, वह पाकिस्तान के कराची में आता है।
फिल्म की कहानी, सियासत की जुबानी
ल्यारी क्षेत्र में 2000 से 2010 के दशक के मध्य विभिन्न खतरनाक गिरोह के मध्य वर्चस्व, ड्रग्स और हथियारों के लिए अक्सर खूनी संघर्ष होता था। रहमान डकैत, उजैर बलोच और बाबा लाडला जैसे गैंगस्टर ने इसे पाकिस्तान का ब्राजील बना दिया था। बाद में पाकिस्तानी पुलिस ने ऑपरेशन चलाकर इस पर कंट्रोल किया था।
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वहीं ल्यारी क्षेत्र अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए भी जाना जाता है, मगर गिरोह युद्ध ने इसकी छवि को काफी नुकसान पहुंचाया। ‘ल्यारी राज’ के बहाने यूपी में अखिलेश यादव को नए सिरे से घेरने की तैयारी चल रही है। भाजपा और सपा में जब तब जुबानी जंग शुरू हो जाती है। विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों दलों की वैचारिक लड़ाई आम जनता को खूब रास आती है।



