1 सीताफल और पुरानी कब्ज हमेशा के लिए गायब, पोषक तत्वों के इस ‘पावरहाउस’ ने उड़ाए डॉक्टरों के होश

Custard Apple Health Benefits: बदलते मौसम के साथ ही मंडियों और फलों की दुकानों पर मलाईदार गूदे और लाजवाब मिठास से भरपूर सीताफल यानी शरीफा की भरपूर आवक शुरू हो चुकी है। अपने अनोखे स्वाद के लिए मशहूर यह मौसमी फल सेहत के लिहाज से भी पोषक तत्वों का पावरहाउस माना जाता है।
सीताफल में डाइटरी फाइबर, पोटैशियम, विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और नेचुरल शुगर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को दिनभर ऊर्जावान बनाए रखने के साथ-साथ कई आम समस्याओं से बचाने में मददगार साबित होते हैं। अगर आप अनियमित दिनचर्या और गलत खानपान के चलते कब्ज, खराब पाचन या दिनभर की सुस्ती से परेशान रहते हैं, तो सीमित मात्रा में इस फल का सेवन आपकी सेहत को कई बेहतरीन फायदे पहुंचा सकता है।
सीताफल का सबसे बड़ा फायदा पेट से जुड़ी समस्याओं में देखने को मिलता है। इसमें प्रचुर मात्रा में मौजूद घुलनशील और अघुलनशील फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त कर मल त्याग की प्रक्रिया को सुगम बनाते हैं, जिससे पुरानी कब्ज की शिकायत से जूझ रहे लोगों को राहत मिलती है; हालांकि इसके साथ पर्याप्त पानी और संतुलित आहार लेना भी जरूरी है। वहीं, इसमें मौजूद पोटैशियम शरीर में फ्लूइड बैलेंस को बनाए रखने और मांसपेशियों के बेहतर कामकाज में अहम भूमिका निभाता है, जिससे सामान्य ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।
इसके अतिरिक्त, शरीफा में मौजूद प्राकृतिक शर्करा और कार्बोहाइड्रेट्स शरीर को तुरंत नेचुरल एनर्जी बूस्ट देते हैं, जबकि इसका विटामिन सी एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट के रूप में रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को मजबूत कर मौसमी बीमारियों से बचाव करता है। मीठे की क्रेविंग होने पर इसे अनहेल्दी मिठाइयों के एक शानदार और पौष्टिक विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
खाते समय इन बातों का रखें ध्यान
हालांकि, सीताफल का सेवन करते समय कुछ बेहद जरूरी सावधानियां बरतना आवश्यक है। इस फल का केवल गूदा ही खाना चाहिए और इसके बीजों को कभी भी निगलना या चबाना नहीं चाहिए, क्योंकि शरीफा के बीजों में विषाक्त तत्व पाए जाते हैं जो शरीर और पेट को नुकसान पहुंचा सकते हैं। बच्चों को यह फल देते समय विशेष सावधानी बरतते हुए सारे बीज पहले ही अलग कर देने चाहिए।
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इसके अलावा, सीताफल में कैलोरी और प्राकृतिक शर्करा की मात्रा अच्छी-खासी होती है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों को अपनी रोजाना की कार्बोहाइड्रेट लिमिट को ध्यान में रखकर सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए। किडनी रोग से पीड़ित व्यक्तियों को भी पोटैशियम की अधिकता को देखते हुए डॉक्टर या डायटीशियन के परामर्श के बाद ही इसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए।



