हर महीने 61,000 कमाएं और बने करोड़पति, पोस्ट ऑफिस की ये स्कीम बना सकती है आपको अमीर

PO Scheme 2026: रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित भविष्य और नियमित मासिक आमदनी की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए भारतीय डाकघर (Post Office) की पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF योजना सबसे भरोसेमंद साधन साबित हो रही है। सरकारी गारंटी वाली इस बचत योजना में अगर ’15+5+5′ की स्मार्ट निवेश रणनीति अपनाई जाए, तो कोई भी आम नागरिक 25 वर्षों के भीतर आसानी से ₹1.03 करोड़ का मोटा फंड तैयार कर सकता है।
सबसे खास बात यह है कि इस ₹1.03 करोड़ के मूल फंड को सुरक्षित रखते हुए केवल इसके ब्याज से हर महीने लगभग ₹61,000 (वार्षिक ₹7.31 लाख) की बंपर आय आजीवन हासिल की जा सकती है। वर्तमान में केंद्र सरकार इस खाते पर 7.1 फीसदी का आकर्षक सालाना कंपाउंडिंग ब्याज दे रही है, साथ ही आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत प्रतिवर्ष ₹1.5 लाख तक के निवेश पर पूर्ण टैक्स छूट का तिहरा लाभ (EEE स्टेटस) भी मिलता है।
इस करोड़पति फॉर्मूले के तहत योजना की मूल 15 साल की लॉक-इन अवधि के दौरान निवेशक को हर साल अधिकतम सीमा यानी ₹1.5 लाख (कुल ₹22.5 लाख) जमा करने होते हैं। 7.1% सालाना ब्याज दर के हिसाब से 15 साल पूरे होने पर यह राशि बढ़कर ₹40.68 लाख हो जाती है, जिसमें शुद्ध ₹18.18 लाख केवल ब्याज की कमाई होती है।
इसके बाद योजना के नियमों के अनुसार खाते को 5-5 साल के दो ब्लॉक में आगे बढ़ाने की सुविधा मिलती है। अगर कोई व्यक्ति 15 साल के बाद कोई नया पैसा जमा न भी करे, तो भी यह रकम 20वें साल में ₹57.32 लाख और 25वें साल के अंत तक ₹80.77 लाख तक पहुंच जाती है। लेकिन यदि निवेशक अगले 10 वर्षों तक भी प्रतिवर्ष ₹1.5 लाख का नियमित निवेश जारी रखता है, तो 25 साल पूरे होते ही कुल कॉर्पस ₹1.03 करोड़ का जादुई आंकड़ा पार कर लेता है, जिस पर 7.1% की दर से सालाना करीब ₹7.31 लाख यानी ₹60,941 प्रति माह ब्याज आय के रूप में मिलने लगते हैं।
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डाकघर की इस लोकलुभावन योजना में खाता खुलवाने के नियम भी बेहद सरल और सुलभ रखे गए हैं। कोई भी भारतीय नागरिक मात्र ₹500 की न्यूनतम राशि से अपना व्यक्तिगत पीपीएफ खाता शुरू कर सकता है, जबकि अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों के नाम पर भी इसका संचालन कर सकते हैं। हालांकि इस स्कीम में जॉइंट अकाउंट खोलने की अनुमति नहीं है, केवल सिंगल नाम से ही खाता संचालित होता है। बिना किसी बाजार जोखिम के अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने, टैक्स बचाने और बुढ़ापे में हर महीने ₹61,000 की निश्चित पेंशन जैसी व्यवस्था खड़ी करने के लिए पीपीएफ का यह ’15+5+5′ मॉडल इस समय सबसे मुफीद साबित हो रहा है।



