राज्यसभा में बगावत… और अब सीधे BJP! जानिए कौन हैं वो 3 बाहुबली विधायक जिन्होंने हिला दी सपा की जड़ें

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी हलचल सामने आई है। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव को तगड़ा झटका देते हुए पार्टी के तीन कद्दावर बागी विधायकों ने औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थाम लिया है। अमेठी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह, अयोध्या की गोसाईंगंज सीट से बाहुबली विधायक अभय सिंह और जालौन की कालपी विधानसभा सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी ने वरिष्ठ भाजपा नेत्री स्मृति ईरानी और पार्टी के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग से शुरू हुई थी बगावत
इन तीनों ही विधायकों की बगावत की पटकथा साल 2024 के राज्यसभा चुनाव में ही लिख दी गई थी। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में साइकिल के निशान पर जीत दर्ज करने वाले इन तीनों जनप्रतिनिधियों ने पार्टी व्हिप के विपरीत जाकर राज्यसभा में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी। तभी से तीनों नेताओं की समाजवादी पार्टी से दूरियां जगजाहिर थीं और उनके भाजपा प्रवेश के कयास लगाए जा रहे थे, जिस पर आज आधिकारिक मुहर लग गई।
अमेठी को बनाया बड़ा सियासी अखाड़ा
भारतीय जनता पार्टी ने इस जॉइनिंग को केवल एक साधारण सदस्यता कार्यक्रम न बनाकर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए शक्ति प्रदर्शन का जरिया बनाया। इसके लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के प्रभाव वाले अमेठी क्षेत्र को चुना गया, जहां विशाल मंच से तीनों विधायकों को भगवा पटका पहनाकर पार्टी में शामिल कराया गया। इस रणनीतिक कदम से अवध और बुंदेलखंड दोनों ही अंचलों में सपा के सियासी समीकरणों को बड़ा नुकसान पहुंचने की संभावना है।
जानिए कौन हैं भाजपा में शामिल हुए तीनों विधायक
राकेश प्रताप सिंह (गौरीगंज सीट, अमेठी)
अमेठी की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले राकेश प्रताप सिंह वर्ष 2012 से समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए थे। वे 2012, 2017 और फिर 2022 में लगातार तीसरी बार सपा के टिकट पर विधायक चुने गए। फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव में खुलेआम बगावत करने के बाद सपा ने जून 2025 में उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। वे लगातार सपा नेतृत्व पर तुष्टिकरण की राजनीति और सनातन परंपरा के अपमान का आरोप लगाते रहे हैं।
अभय सिंह (गोसाईंगंज सीट, अयोध्या)
अयोध्या जनपद की गोसाईंगंज विधानसभा सीट से विधायक अभय सिंह प्रदेश के चर्चित बाहुबली राजनेताओं में गिने जाते हैं। सपा नेतृत्व से नीतियों और राजनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर उनके मतभेद लंबे समय से चर्चा में थे। रामनगरी अयोध्या से जुड़े होने के कारण उनके भाजपा में शामिल होने से इस पूरे परिक्षेत्र के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
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विनोद चतुर्वेदी (कालपी सीट, जालौन)
बुंदेलखंड के जालौन जिले की कालपी विधानसभा सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी की छवि जमीनी स्तर पर खासी मजबूत मानी जाती है। स्थानीय स्तर पर पार्टी के रवैये से असंतुष्ट होने के कारण उनके भाजपा में जाने की अटकलें काफी समय से चल रही थीं। आज विधिवत रूप से पार्टी की सदस्यता लेने के बाद उन्होंने बुंदेलखंड में भाजपा के कैडर को और अधिक मजबूती दे दी है।



